पंचांग · गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024जयपुर

आश्विन · पूर्णिमा · विक्रम संवत 2081शरद पूर्णिमापूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:28सूर्योदय17:56सूर्यास्त
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल · 16:56 तक
नक्षत्र
रेवती
16:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2817:56
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:38 –15:04
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:28दिन17:56
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:56रात06:28
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. पूर्णिमा
    16:56 तक
  2. कृष्ण प्रतिपदा
    13:15, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    16:20 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    13:26, 18 अक्टू॰ तक
योग
  1. हर्षण
    01:41, 18 अक्टू॰ तक
  2. वज्र
    21:34, 18 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    06:48 तक
  2. बव
    16:56 तक
  3. बालव
    03:05, 18 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    13:15, 18 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:28
बिंब मध्य 06:31
सूर्यास्त
17:56
बिंब मध्य 17:52
चंद्रोदय
17:48
चंद्रास्त
06:01
दिनमान
11h 28m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
16:20 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:48 –05:38
  • प्रातः संध्या05:13 –06:28
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:35
  • विजय मुहूर्त14:07 –14:53
  • गोधूलि मुहूर्त17:56 –18:21
  • सायाह्न संध्या17:56 –19:12
  • निशीथ मुहूर्त23:47 –00:37, 18 अक्टू॰
  • अमृत काल14:14 –15:38
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:38 –15:04
  • यमगंड06:28 –07:54
  • गुलिक काल09:20 –10:46
  • दुर्मुहूर्त10:17 –11:03
  • दुर्मुहूर्त14:53 –15:39
  • वर्ज्य05:49 –07:13
  • गंड मूल06:28 –16:20
  • गंड मूल16:20 –06:28, 18 अक्टू॰
  • भद्रा06:28 –06:48

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:28 – 07:54
  • रोग07:54 – 09:20
  • उद्वेग09:20 – 10:46
  • चर10:46 – 12:12
  • लाभ12:12 – 13:38
  • अमृत13:38 – 15:04
  • काल15:04 – 16:30
  • शुभ16:30 – 17:56
रात
  • अमृत17:56 – 19:30
  • चर19:30 – 21:04
  • रोग21:04 – 22:38
  • काल22:38 – 00:12
  • लाभ00:12 – 01:46
  • उद्वेग01:46 – 03:20
  • शुभ03:20 – 04:54
  • अमृत04:54 – 06:28

होरा

दिन
  • गुरु06:28–07:25
  • मंगल07:25–08:22
  • सूर्य08:22–09:20
  • शुक्र09:20–10:17
  • बुध10:17–11:15
  • चन्द्र11:15–12:12
  • शनि12:12–13:09
  • गुरु13:09–14:07
  • मंगल14:07–15:04
  • सूर्य15:04–16:02
  • शुक्र16:02–16:59
  • बुध16:59–17:56
रात
  • चन्द्र17:56–18:59
  • शनि18:59–20:02
  • गुरु20:02–21:04
  • मंगल21:04–22:07
  • सूर्य22:07–23:10
  • शुक्र23:10–00:12
  • बुध00:12–01:15
  • चन्द्र01:15–02:18
  • शनि02:18–03:20
  • गुरु03:20–04:23
  • मंगल04:23–05:25
  • सूर्य05:25–06:28

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 3 पद11:04 तक
  • रेवती 4 पद16:20 तक
  • अश्विनी 1 पद21:36 तक
  • अश्विनी 2 पद02:52, 18 अक्टू॰ तक
  • अश्विनी 3 पद08:09, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 28m
रात्रिमान
12h 32m
मध्याह्न
12:12

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 16:20 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 16:20 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 16:20 तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 16:56 तकपाताल
शिववास
श्मशान में · 16:56 तकगौरी के साथ
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:28 –06:31
  • शुभ मुहूर्त06:31 –08:49
  • मृत्यु पंचक08:49 –11:07
  • अग्नि पंचक11:07 –13:11
  • शुभ मुहूर्त13:11 –14:55
  • राज पंचक14:55 –16:20
  • शुभ मुहूर्त16:20 –16:24
  • चोर पंचक16:24 –16:56
  • शुभ मुहूर्त16:56 –19:28
  • चोर पंचक19:28 –21:24
  • शुभ मुहूर्त21:24 –23:38
  • रोग पंचक23:38 –01:57, 18 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:57 –04:13, 18 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक04:13 –06:27, 18 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक06:27 –06:28, 18 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:17 –06:31
  • तुला06:31 –08:49
  • वृश्चिक08:49 –11:07
  • धनु11:07 –13:11
  • मकर13:11 –14:55
  • कुम्भ14:55 –16:24
  • मीन16:24 –17:51
  • मेष17:51 –19:28
  • वृषभ19:28 –21:24
  • मिथुन21:24 –23:38
  • कर्क23:38 –01:57, 18 अक्टू॰
  • सिंह01:57 –04:13, 18 अक्टू॰
  • कन्या04:13 –06:27, 18 अक्टू॰
  • तुला06:27 –08:45, 18 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 17 अक्टूबर 2024

गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:28 और सूर्यास्त 17:56 पर है। तिथि पूर्णिमा 16:56 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र रेवती 16:20 तक, फिर अश्विनी; योग हर्षण 18 अक्टूबर 01:41 तक, फिर वज्र; करण विष्टि 06:48 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:38–15:04, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:35। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 17 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

पूर्णिमा 16:56 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:28, जयपुर)।

17 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 16:20 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 16:20 तक।

जयपुर में 17 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:38–15:04, यमगण्ड 06:28–07:54, गुलिक काल 09:20–10:46।

जयपुर में 17 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:56, चंद्रोदय 17:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:35, ब्रह्म मुहूर्त 04:48–05:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शरद पूर्णिमा, पूर्णिमा।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2034° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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