गौरी पंचांगम · जयपुर
सोमवार, 14 अक्टूबर 202406:2617:59
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:26
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:26 –07:53
- विषम्अशुभ07:53 –09:19राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:19 –10:46
- लाभम्लाभ10:46 –12:13
- धनम्धन12:13 –13:39
- सुगम्शुभ13:39 –15:06
- सोरम्अशुभ15:06 –16:33
- उथिशुभ16:33 –17:59
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:59
- सुगम्शुभ17:59 –19:33
- सोरम्अशुभ19:33 –21:06
- उथिशुभ21:06 –22:39
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:39 –00:13, 15 अक्टू॰
- विषम्अशुभ00:13, 15 अक्टू॰ –01:46, 15 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट01:46, 15 अक्टू॰ –03:20, 15 अक्टू॰
- लाभम्लाभ03:20, 15 अक्टू॰ –04:53, 15 अक्टू॰
- धनम्धन04:53, 15 अक्टू॰ –06:26, 15 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 14 अक्टूबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:59।