पंचांग · सोमवार, 14 अक्टूबर 2024जयपुर

आश्विन · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:26सूर्योदय17:59सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 06:41 तक
नक्षत्र
शतभिषा
00:42, 15 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2617:59
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:53 –09:19
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:26दिन17:59
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:59रात06:26
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    06:41 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    03:42, 15 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल त्रयोदशी
    00:19, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. शतभिषास्वामी राहु
    00:42, 15 अक्टू॰ तक
  2. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    22:08, 15 अक्टू॰ तक
योग
  1. गण्ड
    18:01 तक
  2. वृद्धि
    14:13, 15 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    06:41 तक
  2. बव
    17:15 तक
  3. बालव
    03:42, 15 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    14:03, 15 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:26
बिंब मध्य 06:29
सूर्यास्त
17:59
बिंब मध्य 17:55
चंद्रोदय
16:00
चंद्रास्त
02:41
दिनमान
11h 33m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कुम्भ
16:49, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:47 –05:36
  • प्रातः संध्या05:11 –06:26
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:36
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:54
  • गोधूलि मुहूर्त17:59 –18:24
  • सायाह्न संध्या17:59 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:48 –00:38, 15 अक्टू॰
  • अमृत काल18:09 –19:37
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:53 –09:19
  • यमगंड10:46 –12:13
  • गुलिक काल13:39 –15:06
  • दुर्मुहूर्त12:36 –13:22
  • दुर्मुहूर्त14:54 –15:41
  • वर्ज्य09:25 –10:52
  • वर्ज्य06:25 –07:51, 15 अक्टू॰
  • भद्रा06:26 –06:41

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:26 – 07:53
  • कालहानि07:53 – 09:19
  • शुभशुभ09:19 – 10:46
  • रोगअनिष्ट10:46 – 12:13
  • उद्वेगअशुभ12:13 – 13:39
  • चरसम13:39 – 15:06
  • लाभलाभ15:06 – 16:33
  • अमृतश्रेष्ठ16:33 – 17:59
रात
  • चरसम17:59 – 19:33
  • रोगअनिष्ट19:33 – 21:06
  • कालहानि21:06 – 22:39
  • लाभलाभ22:39 – 00:13
  • उद्वेगअशुभ00:13 – 01:46
  • शुभशुभ01:46 – 03:20
  • अमृतश्रेष्ठ03:20 – 04:53
  • चरसम04:53 – 06:26

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:26–07:24
शनि07:24–08:21
गुरु08:21–09:19
मंगल09:19–10:17
सूर्य10:17–11:15
शुक्र11:15–12:13
बुध12:13–13:10
चन्द्र13:10–14:08
शनि14:08–15:06
गुरु15:06–16:04
मंगल16:04–17:01
सूर्य17:01–17:59
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:59–19:02
बुध19:02–20:04
चन्द्र20:04–21:06
शनि21:06–22:08
गुरु22:08–23:11
मंगल23:11–00:13
सूर्य00:13–01:15
शुक्र01:15–02:17
बुध02:17–03:20
चन्द्र03:20–04:22
शनि04:22–05:24
गुरु05:24–06:26

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • शतभिषा 1 पद08:22 तक
  • शतभिषा 2 पद13:51 तक
  • शतभिषा 3 पद19:17 तक
  • शतभिषा 4 पद00:42, 15 अक्टू॰ तक
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद06:06, 15 अक्टू॰ तक
  • पूर्वभाद्रपद 2 पद11:28, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 33m
रात्रिमान
12h 27m
मध्याह्न
12:13

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
शतभिषा · 00:42, 15 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पूर्वभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पाताल · 06:41 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:42, 15 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 06:41 तककैलाश पर · 03:42, 15 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:26 –06:41
  • रोग पंचक06:41 –06:43
  • शुभ मुहूर्त06:43 –09:01
  • मृत्यु पंचक09:01 –11:19
  • अग्नि पंचक11:19 –13:23
  • शुभ मुहूर्त13:23 –15:07
  • राज पंचक15:07 –16:36
  • शुभ मुहूर्त16:36 –19:39
  • राज पंचक19:39 –21:36
  • शुभ मुहूर्त21:36 –23:50
  • चोर पंचक23:50 –00:42, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:42 –02:09, 15 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:09 –03:42, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:42 –04:24, 15 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक04:24 –06:26, 15 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:28 –06:43
  • तुला06:43 –09:01
  • वृश्चिक09:01 –11:19
  • धनु11:19 –13:23
  • मकर13:23 –15:07
  • कुम्भ15:07 –16:36
  • मीन16:36 –18:03
  • मेष18:03 –19:39
  • वृषभ19:39 –21:36
  • मिथुन21:36 –23:50
  • कर्क23:50 –02:09, 15 अक्टू॰
  • सिंह02:09 –04:24, 15 अक्टू॰
  • कन्या04:24 –06:39, 15 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 14 अक्टूबर 2024

सोमवार, 14 अक्टूबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 17:59 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 06:41 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र शतभिषा 15 अक्टूबर 00:42 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग गण्ड 18:01 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 06:41 तक, फिर बव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:53–09:19, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:36। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 14 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 06:41 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:26, जयपुर)।

14 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

शतभिषा 15 अक्टूबर 00:42 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 15 अक्टूबर 16:49 तक।

जयपुर में 14 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:53–09:19, यमगण्ड 10:46–12:13, गुलिक काल 13:39–15:06।

जयपुर में 14 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:59, चंद्रोदय 16:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 04:47–05:36। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2033° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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