गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 3 अप्रैल 202406:1518:45
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:15
- लाभम्लाभ06:15 –07:49
- धनम्धन07:49 –09:23
- सुगम्शुभ09:23 –10:56
- सोरम्अशुभ10:56 –12:30
- विषम्अशुभ12:30 –14:04राहुकाल
- उथिशुभ14:04 –15:38
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:38 –17:11
- रोगम्अनिष्ट17:11 –18:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:45
- उथिशुभ18:45 –20:11
- अमिर्दाश्रेष्ठ20:11 –21:37
- रोगम्अनिष्ट21:37 –23:04
- लाभम्लाभ23:04 –00:30, 4 अप्रैल
- धनम्धन00:30, 4 अप्रैल –01:56, 4 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:56, 4 अप्रैल –03:22, 4 अप्रैल
- सोरम्अशुभ03:22, 4 अप्रैल –04:48, 4 अप्रैल
- विषम्अशुभ04:48, 4 अप्रैल –06:14, 4 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 3 अप्रैल 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45।