पंचांग · बुधवार, 3 अप्रैल 2024जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी18:29 तक
- कृष्ण दशमी16:14, 4 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य21:47 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र20:12, 4 अप्रैल तक
- शिव16:09 तक
- सिद्ध13:15, 4 अप्रैल तक
- तैतिल07:24 तक
- गर18:29 तक
- वणिज05:26, 4 अप्रैल तक
- विष्टि16:14, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:45बिंब मध्य 18:41
- चंद्रोदय
- 02:22
- चंद्रास्त
- 12:51
- दिनमान
- 12h 30m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मकर07:12, 5 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:29
- प्रातः संध्या05:06 –06:15
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:55
- विजय मुहूर्त14:35 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:08
- सायाह्न संध्या18:45 –19:54
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:53, 4 अप्रैल
- अमृत काल15:40 –17:12
- राहु काल12:30 –14:04
- यमगंड07:49 –09:23
- गुलिक काल10:56 –12:30
- दुर्मुहूर्त12:05 –12:55
- वर्ज्य06:28 –08:00
- वर्ज्य01:31 –03:01, 4 अप्रैल
- भद्रा05:26 –06:14, 4 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ06:15 – 07:49
- अमृतश्रेष्ठ07:49 – 09:23
- कालहानि09:23 – 10:56
- शुभशुभ10:56 – 12:30
- रोगअनिष्ट12:30 – 14:04
- उद्वेगअशुभ14:04 – 15:38
- चरसम15:38 – 17:11
- लाभलाभ17:11 – 18:45
- उद्वेगअशुभ18:45 – 20:11
- शुभशुभ20:11 – 21:37
- अमृतश्रेष्ठ21:37 – 23:04
- चरसम23:04 – 00:30
- रोगअनिष्ट00:30 – 01:56
- कालहानि01:56 – 03:22
- लाभलाभ03:22 – 04:48
- उद्वेगअशुभ04:48 – 06:14
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:15–07:18 |
| चन्द्र | 07:18–08:20 |
| शनि | 08:20–09:23 |
| गुरु | 09:23–10:25 |
| मंगल | 10:25–11:28 |
| सूर्य | 11:28–12:30 |
| शुक्र | 12:30–13:33 |
| बुध | 13:33–14:35 |
| चन्द्र | 14:35–15:38 |
| शनि | 15:38–16:40 |
| गुरु | 16:40–17:43 |
| मंगल | 17:43–18:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:45–19:43 |
| शुक्र | 19:43–20:40 |
| बुध | 20:40–21:37 |
| चन्द्र | 21:37–22:35 |
| शनि | 22:35–23:32 |
| गुरु | 23:32–00:30 |
| मंगल | 00:30–01:27 |
| सूर्य | 01:27–02:25 |
| शुक्र | 02:25–03:22 |
| बुध | 03:22–04:19 |
| चन्द्र | 04:19–05:17 |
| शनि | 05:17–06:14 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 2 पद10:22 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद16:06 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद21:47 तक
- श्रवण 1 पद03:26, 4 अप्रैल तक
- श्रवण 2 पद09:03, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 30m
- रात्रिमान
- 11h 29m
- मध्याह्न
- 12:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 18:29 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 18:29 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:15 –08:26
- चोर पंचक08:26 –10:22
- शुभ मुहूर्त10:22 –12:37
- रोग पंचक12:37 –14:56
- शुभ मुहूर्त14:56 –17:11
- मृत्यु पंचक17:11 –18:29
- अग्नि पंचक18:29 –19:26
- शुभ मुहूर्त19:26 –21:44
- राज पंचक21:44 –21:47
- शुभ मुहूर्त21:47 –00:01, 4 अप्रैल
- चोर पंचक00:01 –02:06, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:06 –03:49, 4 अप्रैल
- रोग पंचक03:49 –05:19, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:19 –06:14, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:22 –06:49
- मेष06:49 –08:26
- वृषभ08:26 –10:22
- मिथुन10:22 –12:37
- कर्क12:37 –14:56
- सिंह14:56 –17:11
- कन्या17:11 –19:26
- तुला19:26 –21:44
- वृश्चिक21:44 –00:01, 4 अप्रैल
- धनु00:01 –02:06, 4 अप्रैल
- मकर02:06 –03:49, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:49 –05:19, 4 अप्रैल
- मीन05:19 –06:45, 4 अप्रैल
पंचांग · जयपुर, 3 अप्रैल 2024
बुधवार, 3 अप्रैल 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 18:29 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 21:47 तक, फिर श्रवण; योग शिव 16:09 तक, फिर सिद्ध; करण तैतिल 07:24 तक, फिर गर। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:30–14:04, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 3 अप्रैल 2024 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 18:29 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:15, जयपुर)।
3 अप्रैल 2024 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 21:47 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 5 अप्रैल 07:12 तक।
जयपुर में 3 अप्रैल 2024 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:30–14:04, यमगण्ड 07:49–09:23, गुलिक काल 10:56–12:30।
जयपुर में 3 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 02:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1959° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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