गौरी पंचांगम · जयपुर
मंगलवार, 4 अक्टूबर 202206:2118:10
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:21
- रोगम्अनिष्ट06:21 –07:49
- लाभम्लाभ07:49 –09:18
- धनम्धन09:18 –10:47
- सुगम्शुभ10:47 –12:15
- सोरम्अशुभ12:15 –13:44
- उथिशुभ13:44 –15:13
- विषम्अशुभ15:13 –16:42राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ16:42 –18:10
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:10
- सोरम्अशुभ18:10 –19:42
- उथिशुभ19:42 –21:13
- विषम्अशुभ21:13 –22:44
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:44 –00:16, 5 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट00:16, 5 अक्टू॰ –01:47, 5 अक्टू॰
- लाभम्लाभ01:47, 5 अक्टू॰ –03:18, 5 अक्टू॰
- धनम्धन03:18, 5 अक्टू॰ –04:50, 5 अक्टू॰
- सुगम्शुभ04:50, 5 अक्टू॰ –06:21, 5 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2022 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:10।