गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 13 अप्रैल 202206:0518:50
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:05
- लाभम्लाभ06:05 –07:41
- धनम्धन07:41 –09:16
- सुगम्शुभ09:16 –10:52
- सोरम्अशुभ10:52 –12:28
- विषम्अशुभ12:28 –14:03राहुकाल
- उथिशुभ14:03 –15:39
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:39 –17:14
- रोगम्अनिष्ट17:14 –18:50
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:50
- उथिशुभ18:50 –20:14
- अमिर्दाश्रेष्ठ20:14 –21:39
- रोगम्अनिष्ट21:39 –23:03
- लाभम्लाभ23:03 –00:27, 14 अप्रैल
- धनम्धन00:27, 14 अप्रैल –01:51, 14 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:51, 14 अप्रैल –03:16, 14 अप्रैल
- सोरम्अशुभ03:16, 14 अप्रैल –04:40, 14 अप्रैल
- विषम्अशुभ04:40, 14 अप्रैल –06:04, 14 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 13 अप्रैल 2022 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:50।