गौरी पंचांगम · हरिद्वार

सोमवार, 4 अक्टूबर 202706:1218:00

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:12
  • अमिर्दाश्रेष्ठ06:12 –07:41
  • विषम्अशुभ07:41 –09:09राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट09:09 –10:37
  • लाभम्लाभ10:37 –12:06
  • धनम्धन12:06 –13:34
  • सुगम्शुभ13:34 –15:03
  • सोरम्अशुभ15:03 –16:31
  • उथिशुभ16:31 –18:00
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:00
  • सुगम्शुभ18:00 –19:31
  • सोरम्अशुभ19:31 –21:03
  • उथिशुभ21:03 –22:35
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:35 –00:06, 5 अक्टू॰
  • विषम्अशुभ00:06, 5 अक्टू॰ –01:38, 5 अक्टू॰
  • रोगम्अनिष्ट01:38, 5 अक्टू॰ –03:09, 5 अक्टू॰
  • लाभम्लाभ03:09, 5 अक्टू॰ –04:41, 5 अक्टू॰
  • धनम्धन04:41, 5 अक्टू॰ –06:13, 5 अक्टू॰

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

हरिद्वार में 4 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:00।

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