गौरी पंचांगम · हरिद्वार
मंगलवार, 31 अगस्त 202705:5418:42
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:54
- रोगम्अनिष्ट05:54 –07:30
- लाभम्लाभ07:30 –09:06
- धनम्धन09:06 –10:42
- सुगम्शुभ10:42 –12:18
- सोरम्अशुभ12:18 –13:54
- उथिशुभ13:54 –15:30
- विषम्अशुभ15:30 –17:06राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ17:06 –18:42
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:42
- सोरम्अशुभ18:42 –20:06
- उथिशुभ20:06 –21:30
- विषम्अशुभ21:30 –22:54
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:54 –00:18, 1 सित॰
- रोगम्अनिष्ट00:18, 1 सित॰ –01:42, 1 सित॰
- लाभम्लाभ01:42, 1 सित॰ –03:06, 1 सित॰
- धनम्धन03:06, 1 सित॰ –04:30, 1 सित॰
- सुगम्शुभ04:30, 1 सित॰ –05:54, 1 सित॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 31 अगस्त 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:42।