गौरी पंचांगम · हरिद्वार
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 202606:2917:32
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:29
- सुगम्शुभ06:29 –07:52
- सोरम्अशुभ07:52 –09:15
- उथिशुभ09:15 –10:38
- विषम्अशुभ10:38 –12:01राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:01 –13:24
- रोगम्अनिष्ट13:24 –14:47
- लाभम्लाभ14:47 –16:09
- धनम्धन16:09 –17:32
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:32
- रोगम्अनिष्ट17:32 –19:10
- लाभम्लाभ19:10 –20:47
- धनम्धन20:47 –22:24
- सुगम्शुभ22:24 –00:01, 31 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ00:01, 31 अक्टू॰ –01:38, 31 अक्टू॰
- उथिशुभ01:38, 31 अक्टू॰ –03:16, 31 अक्टू॰
- विषम्अशुभ03:16, 31 अक्टू॰ –04:53, 31 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:53, 31 अक्टू॰ –06:30, 31 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 30 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 17:32।