गौरी पंचांगम · हरिद्वार
बुधवार, 14 अक्टूबर 202606:1817:48
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:18
- लाभम्लाभ06:18 –07:45
- धनम्धन07:45 –09:11
- सुगम्शुभ09:11 –10:37
- सोरम्अशुभ10:37 –12:03
- विषम्अशुभ12:03 –13:29राहुकाल
- उथिशुभ13:29 –14:56
- अमिर्दाश्रेष्ठ14:56 –16:22
- रोगम्अनिष्ट16:22 –17:48
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:48
- उथिशुभ17:48 –19:22
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:22 –20:56
- रोगम्अनिष्ट20:56 –22:30
- लाभम्लाभ22:30 –00:04, 15 अक्टू॰
- धनम्धन00:04, 15 अक्टू॰ –01:37, 15 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:37, 15 अक्टू॰ –03:11, 15 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:11, 15 अक्टू॰ –04:45, 15 अक्टू॰
- विषम्अशुभ04:45, 15 अक्टू॰ –06:19, 15 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 14 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 17:48।