गौरी पंचांगम · हरिद्वार

सोमवार, 12 अक्टूबर 202606:1717:50

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:17
  • अमिर्दाश्रेष्ठ06:17 –07:44
  • विषम्अशुभ07:44 –09:10राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट09:10 –10:37
  • लाभम्लाभ10:37 –12:04
  • धनम्धन12:04 –13:30
  • सुगम्शुभ13:30 –14:57
  • सोरम्अशुभ14:57 –16:24
  • उथिशुभ16:24 –17:50
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:50
  • सुगम्शुभ17:50 –19:24
  • सोरम्अशुभ19:24 –20:57
  • उथिशुभ20:57 –22:31
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:31 –00:04, 13 अक्टू॰
  • विषम्अशुभ00:04, 13 अक्टू॰ –01:37, 13 अक्टू॰
  • रोगम्अनिष्ट01:37, 13 अक्टू॰ –03:11, 13 अक्टू॰
  • लाभम्लाभ03:11, 13 अक्टू॰ –04:44, 13 अक्टू॰
  • धनम्धन04:44, 13 अक्टू॰ –06:18, 13 अक्टू॰

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

हरिद्वार में 12 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 17:50।

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