गौरी पंचांगम · हरिद्वार
रविवार, 11 अक्टूबर 202606:1617:51
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:16
- उथिशुभ06:16 –07:43
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:43 –09:10
- रोगम्अनिष्ट09:10 –10:37
- लाभम्लाभ10:37 –12:04
- धनम्धन12:04 –13:31
- सुगम्शुभ13:31 –14:58
- सोरम्अशुभ14:58 –16:25
- विषम्अशुभ16:25 –17:51राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:51
- धनम्धन17:51 –19:25
- सुगम्शुभ19:25 –20:58
- सोरम्अशुभ20:58 –22:31
- विषम्अशुभ22:31 –00:04, 12 अक्टू॰
- उथिशुभ00:04, 12 अक्टू॰ –01:37, 12 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:37, 12 अक्टू॰ –03:11, 12 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:11, 12 अक्टू॰ –04:44, 12 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:44, 12 अक्टू॰ –06:17, 12 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 11 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 17:51।