गौरी पंचांगम · हरिद्वार
सोमवार, 31 अगस्त 202605:5418:41
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:54
- अमिर्दाश्रेष्ठ05:54 –07:30
- विषम्अशुभ07:30 –09:06राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:06 –10:42
- लाभम्लाभ10:42 –12:18
- धनम्धन12:18 –13:53
- सुगम्शुभ13:53 –15:29
- सोरम्अशुभ15:29 –17:05
- उथिशुभ17:05 –18:41
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:41
- सुगम्शुभ18:41 –20:05
- सोरम्अशुभ20:05 –21:30
- उथिशुभ21:30 –22:54
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:54 –00:18, 1 सित॰
- विषम्अशुभ00:18, 1 सित॰ –01:42, 1 सित॰
- रोगम्अनिष्ट01:42, 1 सित॰ –03:06, 1 सित॰
- लाभम्लाभ03:06, 1 सित॰ –04:30, 1 सित॰
- धनम्धन04:30, 1 सित॰ –05:54, 1 सित॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 31 अगस्त 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:41।