गौरी पंचांगम · हरिद्वार
सोमवार, 13 अप्रैल 202605:5318:43
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:53
- अमिर्दाश्रेष्ठ05:53 –07:29
- विषम्अशुभ07:29 –09:06राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:06 –10:42
- लाभम्लाभ10:42 –12:18
- धनम्धन12:18 –13:54
- सुगम्शुभ13:54 –15:31
- सोरम्अशुभ15:31 –17:07
- उथिशुभ17:07 –18:43
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:43
- सुगम्शुभ18:43 –20:07
- सोरम्अशुभ20:07 –21:30
- उथिशुभ21:30 –22:54
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:54 –00:18, 14 अप्रैल
- विषम्अशुभ00:18, 14 अप्रैल –01:41, 14 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट01:41, 14 अप्रैल –03:05, 14 अप्रैल
- लाभम्लाभ03:05, 14 अप्रैल –04:28, 14 अप्रैल
- धनम्धन04:28, 14 अप्रैल –05:52, 14 अप्रैल
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 13 अप्रैल 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:43।