गौरी पंचांगम · हरिद्वार
शनिवार, 4 अप्रैल 202606:0418:38
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:04
- सोरम्अशुभ06:04 –07:38
- उथिशुभ07:38 –09:12
- विषम्अशुभ09:12 –10:46राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ10:46 –12:21
- रोगम्अनिष्ट12:21 –13:55
- लाभम्लाभ13:55 –15:29
- धनम्धन15:29 –17:03
- सुगम्शुभ17:03 –18:38
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:38
- लाभम्लाभ18:38 –20:03
- धनम्धन20:03 –21:29
- सुगम्शुभ21:29 –22:54
- सोरम्अशुभ22:54 –00:20, 5 अप्रैल
- उथिशुभ00:20, 5 अप्रैल –01:46, 5 अप्रैल
- विषम्अशुभ01:46, 5 अप्रैल –03:11, 5 अप्रैल
- अमिर्दाश्रेष्ठ03:11, 5 अप्रैल –04:37, 5 अप्रैल
- सोरम्अशुभ04:37, 5 अप्रैल –06:02, 5 अप्रैल
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 4 अप्रैल 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 18:38।