चौघड़िया · विजयवाड़ा

शनिवार, 1 मार्च 202506:2518:14

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

शुभ07:54 –09:23अमृत15:17 –16:46शुभ21:17 –22:48अमृत22:48 –00:19, 2 मार्च
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:25
  • कालहानि06:25 –07:54काल वेला
  • शुभशुभ07:54 –09:23
  • रोगअनिष्ट09:23 –10:51राहुकाल
  • उद्वेगअशुभ10:51 –12:20
  • चरसम12:20 –13:48
  • लाभलाभ13:48 –15:17वार वेला
  • अमृतश्रेष्ठ15:17 –16:46
  • कालहानि16:46 –18:14काल वेला
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:14
  • लाभलाभ18:14 –19:46काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ19:46 –21:17
  • शुभशुभ21:17 –22:48
  • अमृतश्रेष्ठ22:48 –00:19, 2 मार्च
  • चरसम00:19, 2 मार्च –01:51, 2 मार्च
  • रोगअनिष्ट01:51, 2 मार्च –03:22, 2 मार्च
  • कालहानि03:22, 2 मार्च –04:53, 2 मार्च
  • लाभलाभ04:53, 2 मार्च –06:25, 2 मार्चकाल रात्रि
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

विजयवाड़ा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

विजयवाड़ा में 1 मार्च 2025 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:25 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:54–09:23, अमृत 15:17–16:46। राहुकाल 09:23–10:51।

चौघड़िया — अन्य शहर