चौघड़िया · तिरुपति

मंगलवार, 24 जून 203105:4718:43

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ10:38 –12:15अमृत12:15 –13:52शुभ22:52 –00:15, 25 जूनअमृत00:15, 25 जून –01:38, 25 जून
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:47
  • रोगअनिष्ट05:47 –07:24
  • उद्वेगअशुभ07:24 –09:01वार वेला
  • चरसम09:01 –10:38
  • लाभलाभ10:38 –12:15
  • अमृतश्रेष्ठ12:15 –13:52
  • कालहानि13:52 –15:29काल वेला
  • शुभशुभ15:29 –17:06राहुकाल
  • रोगअनिष्ट17:06 –18:43
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:43
  • कालहानि18:43 –20:06
  • लाभलाभ20:06 –21:29काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ21:29 –22:52
  • शुभशुभ22:52 –00:15, 25 जून
  • अमृतश्रेष्ठ00:15, 25 जून –01:38, 25 जून
  • चरसम01:38, 25 जून –03:01, 25 जून
  • रोगअनिष्ट03:01, 25 जून –04:24, 25 जून
  • कालहानि04:24, 25 जून –05:47, 25 जून
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

तिरुपति में 24 जून 2031 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:47 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:38–12:15, अमृत 12:15–13:52, शुभ 15:29–17:06। राहुकाल 15:29–17:06।

चौघड़िया — अन्य शहर