चौघड़िया · तिरुवनंतपुरम
शनिवार, 21 सितंबर 202406:1218:19
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- कालहानि06:12 –07:42काल वेला
- शुभशुभ07:42 –09:13
- रोगअनिष्ट09:13 –10:44राहुकाल
- उद्वेगअशुभ10:44 –12:15
- चरसम12:15 –13:46
- लाभलाभ13:46 –15:17वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ15:17 –16:48
- कालहानि16:48 –18:19काल वेला
- लाभलाभ18:19 –19:48काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ19:48 –21:17
- शुभशुभ21:17 –22:46
- अमृतश्रेष्ठ22:46 –00:15, 22 सित॰
- चरसम00:15, 22 सित॰ –01:44, 22 सित॰
- रोगअनिष्ट01:44, 22 सित॰ –03:13, 22 सित॰
- कालहानि03:13, 22 सित॰ –04:42, 22 सित॰
- लाभलाभ04:42, 22 सित॰ –06:11, 22 सित॰काल रात्रि
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
तिरुवनंतपुरम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
तिरुवनंतपुरम में 21 सितंबर 2024 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:12 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:42–09:13, अमृत 15:17–16:48। राहुकाल 09:13–10:44।