चौघड़िया · सूरत
मंगलवार, 2 अप्रैल 203006:3118:54
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- रोगअनिष्ट06:31 –08:04
- उद्वेगअशुभ08:04 –09:37वार वेला
- चरसम09:37 –11:10
- लाभलाभ11:10 –12:42
- अमृतश्रेष्ठ12:42 –14:15
- कालहानि14:15 –15:48काल वेला
- शुभशुभ15:48 –17:21राहुकाल
- रोगअनिष्ट17:21 –18:54
- कालहानि18:54 –20:21
- लाभलाभ20:21 –21:48काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ21:48 –23:15
- शुभशुभ23:15 –00:42, 3 अप्रैल
- अमृतश्रेष्ठ00:42, 3 अप्रैल –02:09, 3 अप्रैल
- चरसम02:09, 3 अप्रैल –03:36, 3 अप्रैल
- रोगअनिष्ट03:36, 3 अप्रैल –05:03, 3 अप्रैल
- कालहानि05:03, 3 अप्रैल –06:30, 3 अप्रैल
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
सूरत में 2 अप्रैल 2030 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:31 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 11:10–12:42, अमृत 12:42–14:15, शुभ 15:48–17:21। राहुकाल 15:48–17:21।