चौघड़िया · सूरत
सोमवार, 21 सितंबर 202606:2718:36
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- अमृतश्रेष्ठ06:27 –07:58
- कालहानि07:58 –09:29काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ09:29 –11:01
- रोगअनिष्ट11:01 –12:32
- उद्वेगअशुभ12:32 –14:03
- चरसम14:03 –15:34
- लाभलाभ15:34 –17:05वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ17:05 –18:36
- चरसम18:36 –20:05
- रोगअनिष्ट20:05 –21:34
- कालहानि21:34 –23:03
- लाभलाभ23:03 –00:32, 22 सित॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ00:32, 22 सित॰ –02:01, 22 सित॰
- शुभशुभ02:01, 22 सित॰ –03:30, 22 सित॰
- अमृतश्रेष्ठ03:30, 22 सित॰ –04:58, 22 सित॰
- चरसम04:58, 22 सित॰ –06:27, 22 सित॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
सूरत में 21 सितंबर 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:27 से दिन के चौघड़िया: अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत। शुभ: अमृत 06:27–07:58, शुभ 09:29–11:01, अमृत 17:05–18:36। राहुकाल 07:58–09:29।