चौघड़िया · सूरत
शुक्रवार, 6 फ़रवरी 202607:1418:32
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- चरसम07:14 –08:39
- लाभलाभ08:39 –10:03
- अमृतश्रेष्ठ10:03 –11:28वार वेला
- कालहानि11:28 –12:53काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ12:53 –14:18
- रोगअनिष्ट14:18 –15:42
- उद्वेगअशुभ15:42 –17:07
- चरसम17:07 –18:32
- रोगअनिष्ट18:32 –20:07
- कालहानि20:07 –21:42
- लाभलाभ21:42 –23:17काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ23:17 –00:53, 7 फ़र॰
- शुभशुभ00:53, 7 फ़र॰ –02:28, 7 फ़र॰
- अमृतश्रेष्ठ02:28, 7 फ़र॰ –04:03, 7 फ़र॰
- चरसम04:03, 7 फ़र॰ –05:38, 7 फ़र॰
- रोगअनिष्ट05:38, 7 फ़र॰ –07:13, 7 फ़र॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
सूरत में 6 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 07:14 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 08:39–10:03, शुभ 12:53–14:18। राहुकाल 11:28–12:53।