चौघड़िया · पुरी

शनिवार, 5 सितंबर 202605:3217:59

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

शुभ07:05 –08:39अमृत14:52 –16:25शुभ20:52 –22:19अमृत22:19 –23:45
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:32
  • कालहानि05:32 –07:05काल वेला
  • शुभशुभ07:05 –08:39
  • रोगअनिष्ट08:39 –10:12राहुकाल
  • उद्वेगअशुभ10:12 –11:45
  • चरसम11:45 –13:19
  • लाभलाभ13:19 –14:52वार वेला
  • अमृतश्रेष्ठ14:52 –16:25
  • कालहानि16:25 –17:59काल वेला
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:59
  • लाभलाभ17:59 –19:25काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ19:25 –20:52
  • शुभशुभ20:52 –22:19
  • अमृतश्रेष्ठ22:19 –23:45
  • चरसम23:45 –01:12, 6 सित॰
  • रोगअनिष्ट01:12, 6 सित॰ –02:39, 6 सित॰
  • कालहानि02:39, 6 सित॰ –04:06, 6 सित॰
  • लाभलाभ04:06, 6 सित॰ –05:32, 6 सित॰काल रात्रि
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

पुरी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

पुरी में 5 सितंबर 2026 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:32 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:05–08:39, अमृत 14:52–16:25। राहुकाल 08:39–10:12।

चौघड़िया — अन्य शहर