चौघड़िया · पटना
शनिवार, 28 अक्टूबर 202805:5517:11
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- कालहानि05:55 –07:20काल वेला
- शुभशुभ07:20 –08:44
- रोगअनिष्ट08:44 –10:09राहुकाल
- उद्वेगअशुभ10:09 –11:33
- चरसम11:33 –12:58
- लाभलाभ12:58 –14:22वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ14:22 –15:46
- कालहानि15:46 –17:11काल वेला
- लाभलाभ17:11 –18:47काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ18:47 –20:22
- शुभशुभ20:22 –21:58
- अमृतश्रेष्ठ21:58 –23:33
- चरसम23:33 –01:09, 29 अक्टू॰
- रोगअनिष्ट01:09, 29 अक्टू॰ –02:45, 29 अक्टू॰
- कालहानि02:45, 29 अक्टू॰ –04:20, 29 अक्टू॰
- लाभलाभ04:20, 29 अक्टू॰ –05:56, 29 अक्टू॰काल रात्रि
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
पटना के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
पटना में 28 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:55 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:20–08:44, अमृत 14:22–15:46। राहुकाल 08:44–10:09।