चौघड़िया · जयपुर

मंगलवार, 14 दिसंबर 202107:0717:35

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ11:03 –12:21अमृत12:21 –13:40शुभ22:40 –00:22, 15 दिस॰अमृत00:22, 15 दिस॰ –02:03, 15 दिस॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 07:07
  • रोगअनिष्ट07:07 –08:26
  • उद्वेगअशुभ08:26 –09:44वार वेला
  • चरसम09:44 –11:03
  • लाभलाभ11:03 –12:21
  • अमृतश्रेष्ठ12:21 –13:40
  • कालहानि13:40 –14:58काल वेला
  • शुभशुभ14:58 –16:17राहुकाल
  • रोगअनिष्ट16:17 –17:35
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:35
  • कालहानि17:35 –19:17
  • लाभलाभ19:17 –20:59काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ20:59 –22:40
  • शुभशुभ22:40 –00:22, 15 दिस॰
  • अमृतश्रेष्ठ00:22, 15 दिस॰ –02:03, 15 दिस॰
  • चरसम02:03, 15 दिस॰ –03:45, 15 दिस॰
  • रोगअनिष्ट03:45, 15 दिस॰ –05:26, 15 दिस॰
  • कालहानि05:26, 15 दिस॰ –07:08, 15 दिस॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

जयपुर में 14 दिसंबर 2021 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 07:07 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 11:03–12:21, अमृत 12:21–13:40, शुभ 14:58–16:17। राहुकाल 14:58–16:17।

चौघड़िया — अन्य शहर