एकादशी 2005
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 6जन॰सफला एकादशीगुरुवार
- 20जन॰पौष पुत्रदा एकादशीगुरुवार
- 5फ़र॰षट्तिला एकादशीशनिवार
- 19फ़र॰जया एकादशीशनिवार
- 6मार्चविजया एकादशीरविवार
- 21मार्चआमलकी एकादशीसोमवार
- 5अप्रैलपापमोचनी एकादशीमंगलवार
- 20अप्रैलकामदा एकादशीबुधवार
- 4मईवरुथिनी एकादशीबुधवार
- 20मईमोहिनी एकादशीशुक्रवार
- 2जूनअपरा एकादशीगुरुवार
- 18जूननिर्जला एकादशीशनिवार
- 2जुल॰योगिनी एकादशीशनिवार
- 17जुल॰देवशयनी एकादशीरविवार
- 31जुल॰कामिका एकादशीरविवार
- 16अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीमंगलवार
- 30अग॰अजा एकादशीमंगलवार
- 14सित॰परिवर्तिनी एकादशीबुधवार
- 29सित॰इंदिरा एकादशीगुरुवार
- 13अक्टू॰पापांकुशा एकादशीगुरुवार
- 28अक्टू॰रमा एकादशीशुक्रवार
- 12नव॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीशनिवार
- 27नव॰उत्पन्ना एकादशीरविवार
- 11दिस॰मोक्षदा एकादशीरविवार
- 27दिस॰सफला एकादशीमंगलवार
प्रश्न-उत्तर
2005 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली सफला एकादशी (गुरुवार, 6 जनवरी 2005), अंतिम सफला एकादशी (27 दिसंबर 2005)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।