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मेष राशिफल

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · Aries Horoscope

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★★★☆☆

मिला-जुला दिन

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आज का चन्द्रमा

चन्द्रमा आज मिथुन राशि में है — मेष से तीसरे भाव में (शुभ)। उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की प्राप्ति होती है; वस्त्रादि का सुख मिलता है; अच्छा स्वास्थ्य; शत्रुओं पर विजय; प्रसन्न मन; प्रिय के साथ आनन्द; सम्बन्धियों से लाभ; सम्पर्क बढ़ते हैं और भाग्य सुधरता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.13, lines 350-353)

00:00 (अगले दिन) से चन्द्रमा कर्क राशि में, आपके चौथे भाव में: अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।

ग्रन्थ क्या कहता है

स्वजनों से विवाद होता है; चित्त चंचल रहता है; छाती का रोग; भोजन छूटता है और नींद में बाधा; जल और स्त्रियों से भय; सार्वजनिक अपमान का भय; पत्नी से सुख में कमी।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 4th from the natal Moon (p.13, lines 355-358)

साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

करियर व कार्य

★★★★★

सहायक: चन्द्र (तीसरे भाव). बाधक: शनि (बारहवें भाव), सूर्य (सातवें भाव), बुध (सातवें भाव).

धन

★★★★☆

सहायक: चन्द्र (तीसरे भाव), राहु (ग्यारहवें भाव). बाधक: गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), मंगल (चौथे भाव), बुध (सातवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), केतु (पाँचवें भाव).

प्रेम व परिवार

★★★★☆

सहायक: चन्द्र (तीसरे भाव), राहु (ग्यारहवें भाव). बाधक: गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), सूर्य (सातवें भाव), मंगल (चौथे भाव), बुध (सातवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), केतु (पाँचवें भाव).

स्वास्थ्य

★★★★☆

सहायक: चन्द्र (तीसरे भाव). बाधक: गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), सूर्य (सातवें भाव), मंगल (चौथे भाव), शुक्र (सातवें भाव).

आज का शुभ

रंग
सफ़ेद
अंक
2
दिशा
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
शुभ समय (अभिजित)
11:42–12:27
टालें (राहु काल)
09:18–10:42

चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।

आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा

एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:

  • अश्विनी में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): साधक (सिद्धि: प्रयास सफल; 07:12 तक) फिर वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर मित्र (मित्र: शुभ)
  • भरणी में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 07:12 तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें)
  • कृत्तिका में जन्म (चरण 1): क्षेम (कल्याण: शुभ; 07:12 तक) फिर प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)

इस महीने और इस वर्ष

  • शनि मीन में — आपके बारहवें भाव में (वक्री) · 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक · अशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

    कठोर परिश्रम जो कहीं नहीं पहुँचता, विरोधियों के कारण धन हानि, और घर में बीमारी।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    व्यर्थ श्रम - निरर्थक कार्य में लगा प्रयत्न जिसमें सफलता नहीं; शत्रुओं के द्वारा धन की हानि; पत्नी और सन्तान को रोग।

    Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

  • गुरु कर्क में — आपके चौथे भाव में · 2 जून 2026 से 31 अक्टू॰ 2026 तक · अशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

    बेचैन और अस्थिर: घर से दूर, सम्पत्ति और परिवार से आनन्द नहीं, और सरकारी मामले चिन्ता देते हैं।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    मन में अशान्ति रहती है; धन तथा कान्ति की हानि; शत्रुओं के बढ़ने से कष्ट; जातक को अपने जन्म-स्थान से दूर जाना पड़ता है; भूमि, सम्पत्ति या कुटुम्बीजनों से सुख नहीं; राज्य की ओर से नाना प्रकार के भय निरन्तर बने रहते हैं।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 4th from the natal Moon (p.19, lines 607-610)

  • राहु कुम्भ में — आपके ग्यारहवें भाव में · 30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तक · शुभ भाव, पर वेध से बाधित

    मन उदार रहता है, फिर भी धन और भाग्य रिसते हैं, मित्रों से हानि होती है और सन्तान को परेशानी होती है।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    शुभ कार्यों में प्रवृत्ति होती है और दान में रुचि बढ़ती है; परन्तु धन तथा भाग्य की हानि; सन्तान को कष्ट; और मित्रों के कारण हानि।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 11th from the natal Moon (p.27, lines 965-967)

  • केतु सिंह में — आपके पाँचवें भाव में · 30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तक · अशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

    सन्तान कठिन दौर से गुजरती है और भाग्य विरुद्ध हो जाता है।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    पुत्रों को कष्ट तथा भाग्य में हानि होती है।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 5th from the natal Moon (p.28, lines 996-997)

  • मंगल कर्क में — आपके चौथे भाव में · 18 सित॰ 2026 से 12 नव॰ 2026 तक · अशुभ

    घर और सम्पत्ति विवाद का मैदान बन जाते हैं, माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, और जातक क्रोधी व भयभीत हो जाता है।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    शत्रुओं की वृद्धि और स्वजनों द्वारा विरोध होता है; धन और वस्तुओं की कमी; भूमि और सम्पत्ति की बार-बार समस्याएँ; घरेलू सुख में कमी; ज्वर, छाती के रोग और रक्त विकार; सम्मान की हानि, सामान्य विरोध, माता को कष्ट, और मन हिंसक, क्रूर तथा भयभीत हो जाता है।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 4th from the natal Moon (p.15, lines 441-447)

  • सूर्य तुला में — आपके सातवें भाव में · 17 अक्टू॰ 2026 से 16 नव॰ 2026 तक · अशुभ

    जीवनसाथी से तनाव, घर में बीमारी, व्यापार में रुकावट, थकाऊ यात्राएँ, धन और प्रतिष्ठा पर आँच।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    दाम्पत्य जीवन में वैमनस्य; पत्नी और सन्तान अस्वस्थ होते हैं; कार्यों में असफलता और व्यापार में बाधाएँ; कष्टदायक यात्राएँ; पेट और सिर के रोग; धन और प्रतिष्ठा की हानि से मानसिक कष्ट।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 7th from the natal Moon (p.11, lines 261-264)

  • शुक्र तुला में — आपके सातवें भाव में (वक्री) · 2 सित॰ 2026 से 6 नव॰ 2026 तक · अशुभ

    कोई सम्बन्ध परेशानी का कारण बनता है।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    किसी स्त्री के कारण कष्ट।

    Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 21 (Ojha p.634-635 / PDF 636)

  • बुध तुला में — आपके सातवें भाव में (वक्री) · 26 सित॰ 2026 से 2 दिस॰ 2026 तक · अशुभ

    ऊर्जा कम, जीवनसाथी और मित्रों से बहस, और न यात्रा से लाभ न व्यापार से।

    ग्रन्थ क्या कहता है

    शरीर निस्तेज तथा पीड़ायुक्त रहता है; पत्नी से विवाद; मित्रों और सम्बन्धियों से भी अनबन; राज्य से भय और धन की हानि; न यात्रा से लाभ होता है न व्यापार से; जातक चिन्ताओं में घिरा रहता है।

    Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 7th from the natal Moon (p.18, lines 549-553)

आज का उपाय

आज सूर्य को शान्त करें।

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

108 बार जप करें

पूजा: सूर्य देव · वार: रविवार · पढ़ें: सूर्य चालीसा

शनिवार · तिथि कृष्ण षष्ठी · नक्षत्र आर्द्रा · सूर्योदय 06:32 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →

अन्य राशियाँ

यह राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।

नाम अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

प्रश्न

31 अक्टूबर 2026 को मेष राशि का दिन कैसा है?

मिला-जुला दिन (3/5)। चन्द्रमा मेष से तीसरे भाव में है। उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।

मेष राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?

शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।

मेष राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ। स्वामी ग्रह मंगल।

क्या मेष राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?

साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।