कठिन दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज मिथुन राशि में है — मीन से चौथे भाव में (अशुभ)। अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।
ग्रन्थ क्या कहता है
स्वजनों से विवाद होता है; चित्त चंचल रहता है; छाती का रोग; भोजन छूटता है और नींद में बाधा; जल और स्त्रियों से भय; सार्वजनिक अपमान का भय; पत्नी से सुख में कमी।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 4th from the natal Moon (p.13, lines 355-358)
00:00 (अगले दिन) से चन्द्रमा कर्क राशि में, आपके पाँचवें भाव में: यात्रा ठीक नहीं रहती, योजनाएँ अटकती हैं, धन रिसता है, विवेक धुंधला रहता है और पेट गड़बड़ करता है।
ग्रन्थ क्या कहता है
यात्रा में कष्ट और दुर्घटना की सम्भावना रहती है; कार्य सफल नहीं होते; मन में अशान्ति; धन की हानि; जलोदर जैसे पेट के रोगों का भय; कामवासना बढ़ती है और जातक की सलाह ठीक नहीं होती।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 5th from the natal Moon (p.13, lines 360-363)
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★☆☆☆सहायक: गुरु (पाँचवें भाव), बुध (आठवें भाव). बाधक: चन्द्र (चौथे भाव), शनि (पहले भाव), सूर्य (आठवें भाव).
धन
★★☆☆☆सहायक: गुरु (पाँचवें भाव), बुध (आठवें भाव), शुक्र (आठवें भाव), केतु (छठे भाव). बाधक: चन्द्र (चौथे भाव), शनि (पहले भाव), राहु (बारहवें भाव).
प्रेम व परिवार
★★☆☆☆सहायक: गुरु (पाँचवें भाव), बुध (आठवें भाव), शुक्र (आठवें भाव), केतु (छठे भाव). बाधक: चन्द्र (चौथे भाव), शनि (पहले भाव), मंगल (पाँचवें भाव), राहु (बारहवें भाव).
स्वास्थ्य
★☆☆☆☆सहायक: केतु (छठे भाव). बाधक: चन्द्र (चौथे भाव), शनि (पहले भाव), सूर्य (आठवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), राहु (बारहवें भाव).
आज का शुभ
- रंग
- पीला
- अंक
- 3
- दिशा
- ईशान (उत्तर-पूर्व)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:42–12:27
- टालें (राहु काल)
- 09:18–10:42
गुरु से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- पूर्वा भाद्रपद में जन्म (चरण 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 07:12 तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
- उत्तरा भाद्रपद में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): मित्र (मित्र: शुभ; 07:12 तक) फिर परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
- रेवती में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें; 07:12 तक) फिर मित्र (मित्र: शुभ; 05:39 (अगले दिन) तक) फिर परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
शनि मीन में — आपके पहले भाव में (वक्री) · 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक · अशुभ
घिसाने वाला समय: विवेक धुंधला, स्वास्थ्य और धन में गिरावट, मित्र और घर छूटना, और सार्वजनिक अपमान।
ग्रन्थ क्या कहता है
बुद्धि काम नहीं करती; शरीर निस्तेज रहता है; मानसिक और शारीरिक पीड़ा; भाइयों और पत्नी से झगड़े; शस्त्र और पत्थर से चोट का भय; दूर स्थानों की यात्राएँ; मित्र और घर छूट जाते हैं; हर कार्य में असफलता; अपमान और कभी-कभी राज्य द्वारा बन्धन का भय; आर्थिक स्थिति में तीव्र गिरावट।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 1st from the natal Moon (p.23, lines 753-758)
गुरु कर्क में — आपके पाँचवें भाव में · 2 जून 2026 से 31 अक्टू॰ 2026 तक · शुभ भाव, पर वेध से बाधित
रचनात्मक, भाग्यशाली वर्ष: नया पद, स्थिर लाभ, घर में उत्सव, और सट्टे से भी लाभ हो सकता है।
ग्रन्थ क्या कहता है
सुख और आनन्द में वृद्धि होती है; हर कार्य में सफलता; पद की प्राप्ति और व्यापार में उन्नति; कोई स्थायी लाभ; घर में मांगलिक उत्सव; पुत्र-जन्म की सम्भावना; तर्क और विवेक से कार्य सिद्ध होते हैं; सट्टे और भाग्य के खेलों में लाभ; सद्गुण बढ़ते हैं।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 5th from the natal Moon (p.19, lines 612-617)
राहु कुम्भ में — आपके बारहवें भाव में · 30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तक · अशुभ
भारी खर्च और विवश होकर दूर जाना, सुख-सुविधाएँ समाप्त, और हिरासत का वास्तविक जोखिम।
ग्रन्थ क्या कहता है
व्यय अधिक होता है; सुख का नाश होता है; जातक को घर छोड़कर दूर जाना पड़ता है; बन्धन भी सम्भव है - कारावास या अपहरण; धन और पशुधन की हानि।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 12th from the natal Moon (p.27, lines 969-971)
केतु सिंह में — आपके छठे भाव में · 30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तक · शुभ
विरोधी और खर्च बढ़ते हैं, काम में रुकावट आती है और आँखों पर जोर पड़ता है।
ग्रन्थ क्या कहता है
शत्रु, व्यय तथा विघ्न-बाधाएँ सब बढ़ते हैं; नेत्रों में कष्ट होता है।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 6th from the natal Moon (p.28, lines 999-1000)
मंगल कर्क में — आपके पाँचवें भाव में · 18 सित॰ 2026 से 12 नव॰ 2026 तक · अशुभ
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी।
ग्रन्थ क्या कहता है
ज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा।
Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)
सूर्य तुला में — आपके आठवें भाव में · 17 अक्टू॰ 2026 से 16 नव॰ 2026 तक · अशुभ
बीमारी, चिन्ता, विवाद, और अधिकारियों या मालिक से परेशानी।
ग्रन्थ क्या कहता है
रोग और भय; मन में जलन, झगड़े, और राजा, सरकार या अधिकारियों से भय या उनकी अप्रसन्नता।
Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 9-11 (Ojha p.625-627 / PDF 627)
शुक्र तुला में — आपके आठवें भाव में (वक्री) · 2 सित॰ 2026 से 6 नव॰ 2026 तक · शुभ भाव, पर वेध से बाधित
अप्रत्याशित रूप से सहज समय: पुरानी परेशानियाँ दूर होती हैं, धन और सुविधाएँ आती हैं, और परिवार सहायता करता है।
ग्रन्थ क्या कहता है
धन और सुख में वृद्धि होती है; जातक के सब कष्ट दूर होते हैं; विलास की वस्तुएँ बढ़ती हैं; कुटुम्बीजनों से धन और सुख का लाभ; अध्ययन में रुचि।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 8th from the natal Moon (p.22, lines 717-719)
बुध तुला में — आपके आठवें भाव में (वक्री) · 26 सित॰ 2026 से 2 दिस॰ 2026 तक · शुभ भाव, पर वेध से बाधित
धन आता है, सन्तान अच्छा करती है, बाधाएँ हटती हैं और आपकी स्थिति सुधरती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
धन का लाभ तथा पुत्र से सुख होता है; शत्रुओं पर विजय; हर कार्य में सफलता से जातक का उत्साह बढ़ता है; उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधरती है।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 8th from the natal Moon (p.18, lines 555-558)
आज का उपाय
आज चन्द्र को शान्त करें।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
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पूजा: भगवान शिव · वार: सोमवार · पढ़ें: शिव चालीसा
शनिवार · तिथि कृष्ण षष्ठी · नक्षत्र आर्द्रा · सूर्योदय 06:32 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
31 अक्टूबर 2026 को मीन राशि का दिन कैसा है?
कठिन दिन (1/5)। चन्द्रमा मीन से चौथे भाव में है। अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।
मीन राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग पीला, शुभ अंक 3, शुभ दिशा ईशान (उत्तर-पूर्व) (गुरु शुभ भाव में)।
मीन राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची। स्वामी ग्रह गुरु।
क्या मीन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।