पंचांग · रविवार, 21 जुलाई 2030विशाखापत्तनम

आषाढ़ · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:32सूर्योदय18:35सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 00:46, 22 जुल॰ तक
नक्षत्र
रेवती
03:08, 22 जुल॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3218:35
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:57 –18:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:32दिन18:35
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
राहु काल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:35रात05:33
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    00:46, 22 जुल॰ तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    02:37, 23 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    03:08, 22 जुल॰ तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    05:39, 23 जुल॰ तक
योग
  1. सुकर्मा
    00:18, 22 जुल॰ तक
  2. धृति
    00:48, 23 जुल॰ तक
करण
  1. विष्टि
    12:04 तक
  2. बव
    00:46, 22 जुल॰ तक
  3. बालव
    13:37, 22 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:32
बिंब मध्य 05:36
सूर्यास्त
18:35
बिंब मध्य 18:30
चंद्रोदय
22:58
चंद्रास्त
11:06
दिनमान
13h 3m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मीन
03:08, 22 जुल॰ तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:49
  • प्रातः संध्या04:27 –05:32
  • अभिजित मुहूर्त11:37 –12:30
  • विजय मुहूर्त14:14 –15:06
  • गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:57
  • सायाह्न संध्या18:35 –19:40
  • निशीथ मुहूर्त23:42 –00:26, 22 जुल॰
  • अमृत काल00:32 –02:16, 22 जुल॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:57 –18:35
  • यमगंड12:03 –13:41
  • गुलिक काल15:19 –16:57
  • दुर्मुहूर्त16:50 –17:42
  • वर्ज्य14:11 –15:54
  • गंड मूल05:32 –03:08, 22 जुल॰
  • गंड मूल03:08 –05:33, 22 जुल॰
  • भद्रा05:32 –12:04

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ05:32 – 07:10
  • चरसम07:10 – 08:48
  • लाभलाभ08:48 – 10:26
  • अमृतश्रेष्ठ10:26 – 12:03
  • कालहानि12:03 – 13:41
  • शुभशुभ13:41 – 15:19
  • रोगअनिष्ट15:19 – 16:57
  • उद्वेगअशुभ16:57 – 18:35
रात
  • शुभशुभ18:35 – 19:57
  • अमृतश्रेष्ठ19:57 – 21:19
  • चरसम21:19 – 22:41
  • रोगअनिष्ट22:41 – 00:04
  • कालहानि00:04 – 01:26
  • लाभलाभ01:26 – 02:48
  • उद्वेगअशुभ02:48 – 04:10
  • शुभशुभ04:10 – 05:33

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य05:32–06:38
शुक्र06:38–07:43
बुध07:43–08:48
चन्द्र08:48–09:53
शनि09:53–10:58
गुरु10:58–12:03
मंगल12:03–13:09
सूर्य13:09–14:14
शुक्र14:14–15:19
बुध15:19–16:24
चन्द्र16:24–17:29
शनि17:29–18:35
रात
ग्रहसमय
गुरु18:35–19:29
मंगल19:29–20:24
सूर्य20:24–21:19
शुक्र21:19–22:14
बुध22:14–23:09
चन्द्र23:09–00:04
शनि00:04–00:59
गुरु00:59–01:53
मंगल01:53–02:48
सूर्य02:48–03:43
शुक्र03:43–04:38
बुध04:38–05:33

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद07:38 तक
  • रेवती 2 पद14:06 तक
  • रेवती 3 पद20:35 तक
  • रेवती 4 पद03:08, 22 जुल॰ तक
  • अश्विनी 1 पद09:42, 22 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुष्य 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 3m
रात्रिमान
10h 58m
मध्याह्न
12:03

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 03:08, 22 जुल॰ तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 03:08, 22 जुल॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 03:08, 22 जुल॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:46, 22 जुल॰ तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 00:46, 22 जुल॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:32 –07:30
  • मृत्यु पंचक07:30 –09:37
  • अग्नि पंचक09:37 –11:42
  • शुभ मुहूर्त11:42 –13:53
  • राज पंचक13:53 –16:06
  • शुभ मुहूर्त16:06 –18:13
  • चोर पंचक18:13 –20:03
  • शुभ मुहूर्त20:03 –21:41
  • रोग पंचक21:41 –23:16
  • चोर पंचक23:16 –00:46, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त00:46 –01:01, 22 जुल॰
  • रोग पंचक01:01 –03:01, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त03:01 –03:08, 22 जुल॰
  • मृत्यु पंचक03:08 –05:14, 22 जुल॰
  • अग्नि पंचक05:14 –05:33, 22 जुल॰

उदय लग्न

  • कर्क05:18 –07:30
  • सिंह07:30 –09:37
  • कन्या09:37 –11:42
  • तुला11:42 –13:53
  • वृश्चिक13:53 –16:06
  • धनु16:06 –18:13
  • मकर18:13 –20:03
  • कुम्भ20:03 –21:41
  • मीन21:41 –23:16
  • मेष23:16 –01:01, 22 जुल॰
  • वृषभ01:01 –03:01, 22 जुल॰
  • मिथुन03:01 –05:14, 22 जुल॰
  • कर्क05:14 –07:26, 22 जुल॰

पंचांग · विशाखापत्तनम, 21 जुलाई 2030

रविवार, 21 जुलाई 2030 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 05:32 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 22 जुलाई 00:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र रेवती 22 जुलाई 03:08 तक, फिर अश्विनी; योग सुकर्मा 22 जुलाई 00:18 तक, फिर धृति; करण विष्टि 12:04 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 16:57–18:35, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:30। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विशाखापत्तनम में 21 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 22 जुलाई 00:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:32, विशाखापत्तनम)।

21 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 22 जुलाई 03:08 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 22 जुलाई 03:08 तक।

विशाखापत्तनम में 21 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:57–18:35, यमगण्ड 12:03–13:41, गुलिक काल 15:19–16:57।

विशाखापत्तनम में 21 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 22:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:37–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2839° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP