पंचांग · सोमवार, 22 अप्रैल 2030विशाखापत्तनम
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी16:23 तक
- कृष्ण षष्ठी14:14, 23 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु01:13, 23 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र00:04, 24 अप्रैल तक
- परिघ11:57 तक
- शिव09:00, 23 अप्रैल तक
- कौलव05:39 तक
- तैतिल16:23 तक
- गर03:14, 23 अप्रैल तक
- वणिज14:14, 23 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:36बिंब मध्य 05:39
- सूर्यास्त
- 18:15बिंब मध्य 18:11
- चंद्रोदय
- 22:50
- चंद्रास्त
- 09:17
- दिनमान
- 12h 39m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- धनु05:53, 24 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:06 –04:51
- प्रातः संध्या04:28 –05:36
- अभिजित मुहूर्त11:30 –12:21
- विजय मुहूर्त14:02 –14:53
- गोधूलि मुहूर्त18:15 –18:38
- सायाह्न संध्या18:15 –19:23
- निशीथ मुहूर्त23:33 –00:18, 23 अप्रैल
- अमृत काल19:17 –20:46
- राहु काल07:11 –08:46
- यमगंड10:21 –11:56
- गुलिक काल13:31 –15:05
- दुर्मुहूर्त12:21 –13:12
- दुर्मुहूर्त14:53 –15:43
- वर्ज्य23:44 –01:13, 23 अप्रैल
- गंड मूल05:36 –01:13, 23 अप्रैल
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:36 – 07:11
- कालहानि07:11 – 08:46
- शुभशुभ08:46 – 10:21
- रोगअनिष्ट10:21 – 11:56
- उद्वेगअशुभ11:56 – 13:31
- चरसम13:31 – 15:05
- लाभलाभ15:05 – 16:40
- अमृतश्रेष्ठ16:40 – 18:15
- चरसम18:15 – 19:40
- रोगअनिष्ट19:40 – 21:05
- कालहानि21:05 – 22:30
- लाभलाभ22:30 – 23:55
- उद्वेगअशुभ23:55 – 01:21
- शुभशुभ01:21 – 02:46
- अमृतश्रेष्ठ02:46 – 04:11
- चरसम04:11 – 05:36
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:36–06:40 |
| शनि | 06:40–07:43 |
| गुरु | 07:43–08:46 |
| मंगल | 08:46–09:49 |
| सूर्य | 09:49–10:53 |
| शुक्र | 10:53–11:56 |
| बुध | 11:56–12:59 |
| चन्द्र | 12:59–14:02 |
| शनि | 14:02–15:05 |
| गुरु | 15:05–16:09 |
| मंगल | 16:09–17:12 |
| सूर्य | 17:12–18:15 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:15–19:12 |
| बुध | 19:12–20:09 |
| चन्द्र | 20:09–21:05 |
| शनि | 21:05–22:02 |
| गुरु | 22:02–22:59 |
| मंगल | 22:59–23:55 |
| सूर्य | 23:55–00:52 |
| शुक्र | 00:52–01:49 |
| बुध | 01:49–02:46 |
| चन्द्र | 02:46–03:42 |
| शनि | 03:42–04:39 |
| गुरु | 04:39–05:36 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 1 पद08:27 तक
- मूल 2 पद14:00 तक
- मूल 3 पद19:36 तक
- मूल 4 पद01:13, 23 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद06:53, 23 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 39m
- रात्रिमान
- 11h 21m
- मध्याह्न
- 11:56
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:23 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 16:23 तकभोजन में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:36 –06:59
- शुभ मुहूर्त06:59 –08:59
- रोग पंचक08:59 –11:12
- शुभ मुहूर्त11:12 –13:24
- मृत्यु पंचक13:24 –15:31
- अग्नि पंचक15:31 –16:23
- शुभ मुहूर्त16:23 –17:36
- राज पंचक17:36 –19:47
- शुभ मुहूर्त19:47 –22:00
- चोर पंचक22:00 –00:06, 23 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:06 –01:13, 23 अप्रैल
- रोग पंचक01:13 –01:57, 23 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:57 –03:35, 23 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:35 –05:10, 23 अप्रैल
- रोग पंचक05:10 –05:36, 23 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:14 –06:59
- वृषभ06:59 –08:59
- मिथुन08:59 –11:12
- कर्क11:12 –13:24
- सिंह13:24 –15:31
- कन्या15:31 –17:36
- तुला17:36 –19:47
- वृश्चिक19:47 –22:00
- धनु22:00 –00:06, 23 अप्रैल
- मकर00:06 –01:57, 23 अप्रैल
- कुम्भ01:57 –03:35, 23 अप्रैल
- मीन03:35 –05:10, 23 अप्रैल
- मेष05:10 –06:55, 23 अप्रैल
पंचांग · विशाखापत्तनम, 22 अप्रैल 2030
सोमवार, 22 अप्रैल 2030 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 05:36 और सूर्यास्त 18:15 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 16:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मूल 23 अप्रैल 01:13 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग परिघ 11:57 तक, फिर शिव; करण कौलव 05:39 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:11–08:46, अभिजित मुहूर्त 11:30–12:21। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
विशाखापत्तनम में 22 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 16:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:36, विशाखापत्तनम)।
22 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 23 अप्रैल 01:13 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 24 अप्रैल 05:53 तक।
विशाखापत्तनम में 22 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:11–08:46, यमगण्ड 10:21–11:56, गुलिक काल 13:31–15:05।
विशाखापत्तनम में 22 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 18:15, चंद्रोदय 22:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
22 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:30–12:21, ब्रह्म मुहूर्त 04:06–04:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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