पंचांग · सोमवार, 11 मार्च 2030विजयवाड़ा
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी01:05, 12 मार्च तक
- शुक्ल अष्टमी03:23, 13 मार्च तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र05:48, 12 मार्च तक
- मृगशिरास्वामी मंगल08:30, 13 मार्च तक
- विष्कुम्भ16:23 तक
- प्रीति17:12, 12 मार्च तक
- गर11:48 तक
- वणिज01:05, 12 मार्च तक
- विष्टि14:17, 12 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:18बिंब मध्य 06:21
- सूर्यास्त
- 18:17बिंब मध्य 18:13
- चंद्रोदय
- 10:48
- चंद्रास्त
- —
- दिनमान
- 11h 59m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृषभ19:13, 12 मार्च तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:42 –05:30
- प्रातः संध्या05:06 –06:18
- अभिजित मुहूर्त11:54 –12:42
- विजय मुहूर्त14:17 –15:05
- गोधूलि मुहूर्त18:17 –18:41
- सायाह्न संध्या18:17 –19:29
- निशीथ मुहूर्त23:53 –00:41, 12 मार्च
- अमृत काल02:12 –04:00, 12 मार्च
- राहु काल07:48 –09:18
- यमगंड10:48 –12:18
- गुलिक काल13:47 –15:17
- दुर्मुहूर्त12:42 –13:29
- दुर्मुहूर्त15:05 –15:53
- वर्ज्य20:47 –22:36
- भद्रा01:05 –06:18, 12 मार्च
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:18 – 07:48
- कालहानि07:48 – 09:18
- शुभशुभ09:18 – 10:48
- रोगअनिष्ट10:48 – 12:18
- उद्वेगअशुभ12:18 – 13:47
- चरसम13:47 – 15:17
- लाभलाभ15:17 – 16:47
- अमृतश्रेष्ठ16:47 – 18:17
- चरसम18:17 – 19:47
- रोगअनिष्ट19:47 – 21:17
- कालहानि21:17 – 22:47
- लाभलाभ22:47 – 00:17
- उद्वेगअशुभ00:17 – 01:47
- शुभशुभ01:47 – 03:17
- अमृतश्रेष्ठ03:17 – 04:48
- चरसम04:48 – 06:18
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:18–07:18 |
| शनि | 07:18–08:18 |
| गुरु | 08:18–09:18 |
| मंगल | 09:18–10:18 |
| सूर्य | 10:18–11:18 |
| शुक्र | 11:18–12:18 |
| बुध | 12:18–13:17 |
| चन्द्र | 13:17–14:17 |
| शनि | 14:17–15:17 |
| गुरु | 15:17–16:17 |
| मंगल | 16:17–17:17 |
| सूर्य | 17:17–18:17 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:17–19:17 |
| बुध | 19:17–20:17 |
| चन्द्र | 20:17–21:17 |
| शनि | 21:17–22:17 |
| गुरु | 22:17–23:17 |
| मंगल | 23:17–00:17 |
| सूर्य | 00:17–01:17 |
| शुक्र | 01:17–02:17 |
| बुध | 02:17–03:17 |
| चन्द्र | 03:17–04:18 |
| शनि | 04:18–05:18 |
| गुरु | 05:18–06:18 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 1 पद09:32 तक
- रोहिणी 2 पद16:19 तक
- रोहिणी 3 पद23:04 तक
- रोहिणी 4 पद05:48, 12 मार्च तक
- मृगशिरा 1 पद12:31, 12 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपद 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 59m
- रात्रिमान
- 12h 1m
- मध्याह्न
- 12:18
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 01:05, 12 मार्च तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 01:05, 12 मार्च तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:18 –06:34
- शुभ मुहूर्त06:34 –09:56
- चोर पंचक09:56 –11:57
- शुभ मुहूर्त11:57 –14:09
- रोग पंचक14:09 –16:20
- शुभ मुहूर्त16:20 –18:26
- मृत्यु पंचक18:26 –20:31
- अग्नि पंचक20:31 –22:40
- शुभ मुहूर्त22:40 –00:53, 12 मार्च
- राज पंचक00:53 –01:05, 12 मार्च
- शुभ मुहूर्त01:05 –03:00, 12 मार्च
- चोर पंचक03:00 –04:51, 12 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:51 –05:48, 12 मार्च
- रोग पंचक05:48 –06:18, 12 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ04:55 –06:34
- मीन06:34 –08:10
- मेष08:10 –09:56
- वृषभ09:56 –11:57
- मिथुन11:57 –14:09
- कर्क14:09 –16:20
- सिंह16:20 –18:26
- कन्या18:26 –20:31
- तुला20:31 –22:40
- वृश्चिक22:40 –00:53, 12 मार्च
- धनु00:53 –03:00, 12 मार्च
- मकर03:00 –04:51, 12 मार्च
- कुम्भ04:51 –06:30, 12 मार्च
पंचांग · विजयवाड़ा, 11 मार्च 2030
सोमवार, 11 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय 06:18 और सूर्यास्त 18:17 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 12 मार्च 01:05 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र रोहिणी 12 मार्च 05:48 तक, फिर मृगशिरा; योग विष्कुम्भ 16:23 तक, फिर प्रीति; करण गर 11:48 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 07:48–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:42। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
विजयवाड़ा में 11 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 12 मार्च 01:05 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 06:18, विजयवाड़ा)।
11 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 12 मार्च 05:48 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 12 मार्च 19:13 तक।
विजयवाड़ा में 11 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:48–09:18, यमगण्ड 10:48–12:18, गुलिक काल 13:47–15:17।
विजयवाड़ा में 11 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:17, चंद्रोदय 10:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:54–12:42, ब्रह्म मुहूर्त 04:42–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
विजयवाड़ा हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2788° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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