पंचांग · बुधवार, 4 अगस्त 2027विजयवाड़ा

श्रावण · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2084हरियाली तीज

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:49सूर्योदय18:38सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 08:20 तक
नक्षत्र
मघा
11:36 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4918:38
बुधवार · बुध
राहु काल
12:13 –13:50
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:49दिन18:38
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:38रात05:49
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    08:20 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    05:09, 5 अग॰ तक
  3. शुक्ल चतुर्थी
    02:27, 6 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    11:36 तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    09:19, 5 अग॰ तक
योग
  1. वरीयान्
    10:27 तक
  2. परिघ
    06:48, 5 अग॰ तक
करण
  1. कौलव
    08:20 तक
  2. तैतिल
    18:41 तक
  3. गर
    05:09, 5 अग॰ तक
  4. वणिज
    15:44, 5 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:49
बिंब मध्य 05:52
सूर्यास्त
18:38
बिंब मध्य 18:34
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
20:12
दिनमान
12h 49m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
सिंह
14:49, 5 अग॰ तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:04
  • प्रातः संध्या04:42 –05:49
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:39
  • विजय मुहूर्त14:22 –15:13
  • गोधूलि मुहूर्त18:38 –19:01
  • सायाह्न संध्या18:38 –19:45
  • निशीथ मुहूर्त23:51 –00:36, 5 अग॰
  • अमृत काल09:28 –10:53
  • अमृत काल03:31 –04:58, 5 अग॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:13 –13:50
  • यमगंड07:25 –09:01
  • गुलिक काल10:37 –12:13
  • दुर्मुहूर्त11:48 –12:39
  • वर्ज्य18:50 –20:17
  • गंड मूल05:49 –11:36

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:49 – 07:25
  • अमृतश्रेष्ठ07:25 – 09:01
  • कालहानि09:01 – 10:37
  • शुभशुभ10:37 – 12:13
  • रोगअनिष्ट12:13 – 13:50
  • उद्वेगअशुभ13:50 – 15:26
  • चरसम15:26 – 17:02
  • लाभलाभ17:02 – 18:38
रात
  • उद्वेगअशुभ18:38 – 20:02
  • शुभशुभ20:02 – 21:26
  • अमृतश्रेष्ठ21:26 – 22:50
  • चरसम22:50 – 00:14
  • रोगअनिष्ट00:14 – 01:37
  • कालहानि01:37 – 03:01
  • लाभलाभ03:01 – 04:25
  • उद्वेगअशुभ04:25 – 05:49

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:49–06:53
चन्द्र06:53–07:57
शनि07:57–09:01
गुरु09:01–10:05
मंगल10:05–11:09
सूर्य11:09–12:13
शुक्र12:13–13:18
बुध13:18–14:22
चन्द्र14:22–15:26
शनि15:26–16:30
गुरु16:30–17:34
मंगल17:34–18:38
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:38–19:34
शुक्र19:34–20:30
बुध20:30–21:26
चन्द्र21:26–22:22
शनि22:22–23:18
गुरु23:18–00:14
मंगल00:14–01:10
सूर्य01:10–02:05
शुक्र02:05–03:01
बुध03:01–03:57
चन्द्र03:57–04:53
शनि04:53–05:49

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 3 पद06:14 तक
  • मघा 4 पद11:36 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद16:59 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद22:24 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद03:50, 5 अग॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद09:19, 5 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
अश्लेषा 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 49m
रात्रिमान
11h 11m
मध्याह्न
12:13

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 11:36 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:20 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:09, 5 अग॰ तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 08:20 तकसभा में · 05:09, 5 अग॰ तकक्रीड़ा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक05:49 –06:47
  • शुभ मुहूर्त06:47 –08:20
  • राज पंचक08:20 –08:53
  • शुभ मुहूर्त08:53 –10:58
  • चोर पंचक10:58 –11:36
  • शुभ मुहूर्त11:36 –13:07
  • रोग पंचक13:07 –15:20
  • शुभ मुहूर्त15:20 –17:27
  • मृत्यु पंचक17:27 –19:18
  • अग्नि पंचक19:18 –20:57
  • शुभ मुहूर्त20:57 –22:33
  • मृत्यु पंचक22:33 –00:19, 5 अग॰
  • अग्नि पंचक00:19 –02:20, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त02:20 –04:32, 5 अग॰
  • राज पंचक04:32 –05:09, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त05:09 –05:49, 5 अग॰

उदय लग्न

  • कर्क04:36 –06:47
  • सिंह06:47 –08:53
  • कन्या08:53 –10:58
  • तुला10:58 –13:07
  • वृश्चिक13:07 –15:20
  • धनु15:20 –17:27
  • मकर17:27 –19:18
  • कुम्भ19:18 –20:57
  • मीन20:57 –22:33
  • मेष22:33 –00:19, 5 अग॰
  • वृषभ00:19 –02:20, 5 अग॰
  • मिथुन02:20 –04:32, 5 अग॰
  • कर्क04:32 –06:43, 5 अग॰

पंचांग · विजयवाड़ा, 4 अगस्त 2027

बुधवार, 4 अगस्त 2027 को विजयवाड़ा में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 18:38 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 08:20 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र मघा 11:36 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग वरीयान् 10:27 तक, फिर परिघ; करण कौलव 08:20 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 12:13–13:50, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:39। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विजयवाड़ा में 4 अगस्त 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 08:20 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:49, विजयवाड़ा)।

4 अगस्त 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 11:36 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 अगस्त 14:49 तक।

विजयवाड़ा में 4 अगस्त 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:13–13:50, यमगण्ड 07:25–09:01, गुलिक काल 10:37–12:13।

विजयवाड़ा में 4 अगस्त 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:38, चंद्रोदय 07:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अगस्त 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 अगस्त 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

हरियाली तीज।

विजयवाड़ा हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2425° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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