पंचांग · रविवार, 18 अप्रैल 2027विजयवाड़ा

चैत्र · शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2084रवि प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:51सूर्योदय18:23सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वादशी
शुक्ल · 07:42 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
06:05 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5118:23
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:49 –18:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:51दिन18:23
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:23रात05:50
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वादशी
    07:42 तक
  2. शुक्ल त्रयोदशी
    06:08, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    06:05 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    05:14, 19 अप्रैल तक
  3. हस्तस्वामी चन्द्र
    04:40, 20 अप्रैल तक
योग
  1. ध्रुव
    21:57 तक
  2. व्याघात
    19:44, 19 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    07:42 तक
  2. कौलव
    18:53 तक
  3. तैतिल
    06:08, 19 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:51
बिंब मध्य 05:54
सूर्यास्त
18:23
बिंब मध्य 18:19
चंद्रोदय
16:07
चंद्रास्त
03:43
दिनमान
12h 32m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
सिंह
11:51 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:05
  • प्रातः संध्या04:42 –05:51
  • अभिजित मुहूर्त11:42 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:12 –15:03
  • गोधूलि मुहूर्त18:23 –18:46
  • सायाह्न संध्या18:23 –19:32
  • निशीथ मुहूर्त23:44 –00:30, 19 अप्रैल
  • अमृत काल22:18 –23:50
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:49 –18:23
  • यमगंड12:07 –13:41
  • गुलिक काल15:15 –16:49
  • दुर्मुहूर्त16:43 –17:33
  • वर्ज्य13:02 –14:35

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ05:51 – 07:25
  • चरसम07:25 – 08:59
  • लाभलाभ08:59 – 10:33
  • अमृतश्रेष्ठ10:33 – 12:07
  • कालहानि12:07 – 13:41
  • शुभशुभ13:41 – 15:15
  • रोगअनिष्ट15:15 – 16:49
  • उद्वेगअशुभ16:49 – 18:23
रात
  • शुभशुभ18:23 – 19:49
  • अमृतश्रेष्ठ19:49 – 21:15
  • चरसम21:15 – 22:41
  • रोगअनिष्ट22:41 – 00:07
  • कालहानि00:07 – 01:32
  • लाभलाभ01:32 – 02:58
  • उद्वेगअशुभ02:58 – 04:24
  • शुभशुभ04:24 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य05:51–06:53
शुक्र06:53–07:56
बुध07:56–08:59
चन्द्र08:59–10:01
शनि10:01–11:04
गुरु11:04–12:07
मंगल12:07–13:10
सूर्य13:10–14:12
शुक्र14:12–15:15
बुध15:15–16:18
चन्द्र16:18–17:21
शनि17:21–18:23
रात
ग्रहसमय
गुरु18:23–19:21
मंगल19:21–20:18
सूर्य20:18–21:15
शुक्र21:15–22:12
बुध22:12–23:09
चन्द्र23:09–00:07
शनि00:07–01:04
गुरु01:04–02:01
मंगल02:01–02:58
सूर्य02:58–03:55
शुक्र03:55–04:53
बुध04:53–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद06:05 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद11:51 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद17:38 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद23:26 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद05:14, 19 अप्रैल तक
  • हस्त 1 पद11:04, 19 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 32m
रात्रिमान
11h 27m
मध्याह्न
12:07

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 11:51 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 06:05 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · 05:14, 19 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
हस्त · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व · 11:51 तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 07:42 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 07:42 तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:51 –06:05
  • रोग पंचक06:05 –07:27
  • शुभ मुहूर्त07:27 –07:42
  • मृत्यु पंचक07:42 –09:28
  • अग्नि पंचक09:28 –11:40
  • शुभ मुहूर्त11:40 –13:52
  • राज पंचक13:52 –15:58
  • शुभ मुहूर्त15:58 –18:02
  • चोर पंचक18:02 –20:12
  • शुभ मुहूर्त20:12 –22:25
  • रोग पंचक22:25 –00:31, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:31 –02:22, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:22 –04:01, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:01 –05:14, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:14 –05:38, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:38 –05:50, 19 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:42 –07:27
  • वृषभ07:27 –09:28
  • मिथुन09:28 –11:40
  • कर्क11:40 –13:52
  • सिंह13:52 –15:58
  • कन्या15:58 –18:02
  • तुला18:02 –20:12
  • वृश्चिक20:12 –22:25
  • धनु22:25 –00:31, 19 अप्रैल
  • मकर00:31 –02:22, 19 अप्रैल
  • कुम्भ02:22 –04:01, 19 अप्रैल
  • मीन04:01 –05:38, 19 अप्रैल
  • मेष05:38 –07:23, 19 अप्रैल

पंचांग · विजयवाड़ा, 18 अप्रैल 2027

रविवार, 18 अप्रैल 2027 को विजयवाड़ा में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:23 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 07:42 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 06:05 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग ध्रुव 21:57 तक, फिर व्याघात; करण बालव 07:42 तक, फिर कौलव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 16:49–18:23, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:32। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विजयवाड़ा में 18 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वादशी 07:42 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:51, विजयवाड़ा)।

18 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 06:05 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 11:51 तक।

विजयवाड़ा में 18 अप्रैल 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:49–18:23, यमगण्ड 12:07–13:41, गुलिक काल 15:15–16:49।

विजयवाड़ा में 18 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:23, चंद्रोदय 16:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अप्रैल 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:42–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

18 अप्रैल 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

रवि प्रदोष।

विजयवाड़ा हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2384° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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