पंचांग · मंगलवार, 11 अप्रैल 2023विजयवाड़ा

चैत्र · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2080

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:55सूर्योदय18:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 07:18 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
12:58 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5518:22
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:15 –16:49
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:55दिन18:22
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
यमगंड
गंड मूल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:22रात05:55
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    07:18 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    05:40, 12 अप्रैल तक
  3. कृष्ण सप्तमी
    03:44, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    12:58 तक
  2. मूलस्वामी केतु
    11:59, 12 अप्रैल तक
योग
  1. वरीयान्
    17:52 तक
  2. परिघ
    15:19, 12 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    07:18 तक
  2. गर
    18:31 तक
  3. वणिज
    05:40, 12 अप्रैल तक
  4. विष्टि
    16:44, 12 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:55
बिंब मध्य 05:58
सूर्यास्त
18:22
बिंब मध्य 18:18
चंद्रोदय
23:26
चंद्रास्त
09:40
दिनमान
12h 27m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृश्चिक
12:58 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:09
  • प्रातः संध्या04:46 –05:55
  • अभिजित मुहूर्त11:44 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:13 –15:03
  • गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:45
  • सायाह्न संध्या18:22 –19:31
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:31, 12 अप्रैल
  • अमृत काल04:25 –05:58
  • अमृत काल05:50 –07:23, 12 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:15 –16:49
  • यमगंड09:02 –10:35
  • गुलिक काल12:09 –13:42
  • दुर्मुहूर्त08:25 –09:14
  • दुर्मुहूर्त22:59 –23:45
  • गंड मूल05:55 –12:58
  • गंड मूल12:58 –05:55, 12 अप्रैल
  • भद्रा05:40 –05:55, 12 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:55 – 07:29
  • उद्वेगअशुभ07:29 – 09:02
  • चरसम09:02 – 10:35
  • लाभलाभ10:35 – 12:09
  • अमृतश्रेष्ठ12:09 – 13:42
  • कालहानि13:42 – 15:15
  • शुभशुभ15:15 – 16:49
  • रोगअनिष्ट16:49 – 18:22
रात
  • कालहानि18:22 – 19:49
  • लाभलाभ19:49 – 21:15
  • उद्वेगअशुभ21:15 – 22:42
  • शुभशुभ22:42 – 00:08
  • अमृतश्रेष्ठ00:08 – 01:35
  • चरसम01:35 – 03:01
  • रोगअनिष्ट03:01 – 04:28
  • कालहानि04:28 – 05:55

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:55–06:58
सूर्य06:58–08:00
शुक्र08:00–09:02
बुध09:02–10:04
चन्द्र10:04–11:06
शनि11:06–12:09
गुरु12:09–13:11
मंगल13:11–14:13
सूर्य14:13–15:15
शुक्र15:15–16:18
बुध16:18–17:20
चन्द्र17:20–18:22
रात
ग्रहसमय
शनि18:22–19:20
गुरु19:20–20:17
मंगल20:17–21:15
सूर्य21:15–22:13
शुक्र22:13–23:11
बुध23:11–00:08
चन्द्र00:08–01:06
शनि01:06–02:04
गुरु02:04–03:01
मंगल03:01–03:59
सूर्य03:59–04:57
शुक्र04:57–05:55

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 3 पद07:10 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद12:58 तक
  • मूल 1 पद18:45 तक
  • मूल 2 पद00:31, 12 अप्रैल तक
  • मूल 3 पद06:15, 12 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 27m
रात्रिमान
11h 33m
मध्याह्न
12:09

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 12:58 तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 12:58 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 12:58 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:18 तकआकाश · 05:40, 12 अप्रैल तकपाताल
शिववास
नंदी पर · 07:18 तकभोजन में · 05:40, 12 अप्रैल तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:55 –06:09
  • चोर पंचक06:09 –07:18
  • शुभ मुहूर्त07:18 –07:55
  • रोग पंचक07:55 –09:56
  • शुभ मुहूर्त09:56 –12:08
  • मृत्यु पंचक12:08 –12:58
  • अग्नि पंचक12:58 –14:19
  • शुभ मुहूर्त14:19 –16:25
  • राज पंचक16:25 –18:30
  • शुभ मुहूर्त18:30 –20:39
  • चोर पंचक20:39 –22:52
  • शुभ मुहूर्त22:52 –00:59, 12 अप्रैल
  • रोग पंचक00:59 –02:50, 12 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:50 –04:29, 12 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:29 –05:40, 12 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:40 –05:55, 12 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:33 –06:09
  • मेष06:09 –07:55
  • वृषभ07:55 –09:56
  • मिथुन09:56 –12:08
  • कर्क12:08 –14:19
  • सिंह14:19 –16:25
  • कन्या16:25 –18:30
  • तुला18:30 –20:39
  • वृश्चिक20:39 –22:52
  • धनु22:52 –00:59, 12 अप्रैल
  • मकर00:59 –02:50, 12 अप्रैल
  • कुम्भ02:50 –04:29, 12 अप्रैल
  • मीन04:29 –06:05, 12 अप्रैल

पंचांग · विजयवाड़ा, 11 अप्रैल 2023

मंगलवार, 11 अप्रैल 2023 को विजयवाड़ा में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 07:18 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र ज्येष्ठा 12:58 तक, फिर मूल; योग वरीयान् 17:52 तक, फिर परिघ; करण तैतिल 07:18 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 15:15–16:49, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:34। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विजयवाड़ा में 11 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 07:18 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:55, विजयवाड़ा)।

11 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 12:58 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 12:58 तक।

विजयवाड़ा में 11 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:15–16:49, यमगण्ड 09:02–10:35, गुलिक काल 12:09–13:42।

विजयवाड़ा में 11 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 23:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

11 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:44–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

विजयवाड़ा हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1822° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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