पंचांग · शुक्रवार, 30 अप्रैल 2032वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी14:51 तक
- कृष्ण षष्ठी12:50, 1 मई तक
- मूलस्वामी केतु09:48 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र08:34, 1 मई तक
- शिव05:24 तक
- सिद्ध02:44, 1 मई तक
- साध्य23:55, 1 मई तक
- तैतिल14:51 तक
- गर01:52, 1 मई तक
- वणिज12:50, 1 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:23बिंब मध्य 05:26
- सूर्यास्त
- 18:28बिंब मध्य 18:24
- चंद्रोदय
- 23:00
- चंद्रास्त
- 09:16
- दिनमान
- 13h 5m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु14:14, 1 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:55 –04:39
- प्रातः संध्या04:17 –05:23
- अभिजित मुहूर्त11:29 –12:22
- विजय मुहूर्त14:06 –14:59
- गोधूलि मुहूर्त18:28 –18:50
- सायाह्न संध्या18:28 –19:34
- निशीथ मुहूर्त23:33 –00:17, 1 मई
- अमृत काल04:01 –05:32, 1 मई
- राहु काल10:17 –11:55
- यमगंड15:12 –16:50
- गुलिक काल07:01 –08:39
- दुर्मुहूर्त08:00 –08:52
- दुर्मुहूर्त12:22 –13:14
- वर्ज्य08:16 –09:48
- वर्ज्य18:55 –20:26
- गंड मूल05:23 –09:48
चौघड़िया
- चरसम05:23 – 07:01
- लाभलाभ07:01 – 08:39
- अमृतश्रेष्ठ08:39 – 10:17
- कालहानि10:17 – 11:55
- शुभशुभ11:55 – 13:34
- रोगअनिष्ट13:34 – 15:12
- उद्वेगअशुभ15:12 – 16:50
- चरसम16:50 – 18:28
- रोगअनिष्ट18:28 – 19:50
- कालहानि19:50 – 21:12
- लाभलाभ21:12 – 22:33
- उद्वेगअशुभ22:33 – 23:55
- शुभशुभ23:55 – 01:17
- अमृतश्रेष्ठ01:17 – 02:38
- चरसम02:38 – 04:00
- रोगअनिष्ट04:00 – 05:22
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:23–06:28 |
| बुध | 06:28–07:34 |
| चन्द्र | 07:34–08:39 |
| शनि | 08:39–09:45 |
| गुरु | 09:45–10:50 |
| मंगल | 10:50–11:55 |
| सूर्य | 11:55–13:01 |
| शुक्र | 13:01–14:06 |
| बुध | 14:06–15:12 |
| चन्द्र | 15:12–16:17 |
| शनि | 16:17–17:23 |
| गुरु | 17:23–18:28 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:28–19:23 |
| सूर्य | 19:23–20:17 |
| शुक्र | 20:17–21:12 |
| बुध | 21:12–22:06 |
| चन्द्र | 22:06–23:01 |
| शनि | 23:01–23:55 |
| गुरु | 23:55–00:50 |
| मंगल | 00:50–01:44 |
| सूर्य | 01:44–02:38 |
| शुक्र | 02:38–03:33 |
| बुध | 03:33–04:27 |
| चन्द्र | 04:27–05:22 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 4 पद09:48 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद15:31 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद21:13 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद02:54, 1 मई तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद08:34, 1 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 5m
- रात्रिमान
- 10h 54m
- मध्याह्न
- 11:55
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 14:51 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 14:51 तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:23 –06:14
- अग्नि पंचक06:14 –08:11
- शुभ मुहूर्त08:11 –09:48
- राज पंचक09:48 –10:25
- शुभ मुहूर्त10:25 –12:43
- चोर पंचक12:43 –14:51
- शुभ मुहूर्त14:51 –14:57
- रोग पंचक14:57 –17:10
- शुभ मुहूर्त17:10 –19:26
- मृत्यु पंचक19:26 –21:43
- अग्नि पंचक21:43 –23:48
- शुभ मुहूर्त23:48 –01:33, 1 मई
- राज पंचक01:33 –03:03, 1 मई
- शुभ मुहूर्त03:03 –05:22, 1 मई
उदय लग्न
- मेष04:36 –06:14
- वृषभ06:14 –08:11
- मिथुन08:11 –10:25
- कर्क10:25 –12:43
- सिंह12:43 –14:57
- कन्या14:57 –17:10
- तुला17:10 –19:26
- वृश्चिक19:26 –21:43
- धनु21:43 –23:48
- मकर23:48 –01:33, 1 मई
- कुम्भ01:33 –03:03, 1 मई
- मीन03:03 –04:32, 1 मई
- मेष04:32 –06:10, 1 मई
पंचांग · वाराणसी, 30 अप्रैल 2032
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में सूर्योदय 05:23 और सूर्यास्त 18:28 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 14:51 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मूल 09:48 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग शिव 05:24 तक, फिर सिद्ध; करण तैतिल 14:51 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:17–11:55, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:22। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 30 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 14:51 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:23, वाराणसी)।
30 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 09:48 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 1 मई 14:14 तक।
वाराणसी में 30 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:17–11:55, यमगण्ड 15:12–16:50, गुलिक काल 07:01–08:39।
वाराणसी में 30 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:28, चंद्रोदय 23:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:29–12:22, ब्रह्म मुहूर्त 03:55–04:39। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3087° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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