पंचांग · शनिवार, 17 अप्रैल 2032वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी07:48 तक
- शुक्ल अष्टमी10:03, 18 अप्रैल तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु19:50 तक
- पुष्यस्वामी शनि22:42, 18 अप्रैल तक
- सुकर्मा12:44 तक
- धृति13:32, 18 अप्रैल तक
- वणिज07:48 तक
- विष्टि20:54 तक
- बव10:03, 18 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:34बिंब मध्य 05:37
- सूर्यास्त
- 18:22बिंब मध्य 18:18
- चंद्रोदय
- 11:20
- चंद्रास्त
- 00:04
- दिनमान
- 12h 48m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मिथुन13:08 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:49
- प्रातः संध्या04:26 –05:34
- अभिजित मुहूर्त11:32 –12:23
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:44
- सायाह्न संध्या18:22 –19:29
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:20, 18 अप्रैल
- अमृत काल17:10 –18:56
- राहु काल08:46 –10:22
- यमगंड13:34 –15:10
- गुलिक काल05:34 –07:10
- दुर्मुहूर्त05:34 –06:25
- दुर्मुहूर्त06:25 –07:16
- वर्ज्य06:31 –08:18
- वर्ज्य04:47 –06:35, 18 अप्रैल
- भद्रा07:48 –20:54
चौघड़िया
- कालहानि05:34 – 07:10
- शुभशुभ07:10 – 08:46
- रोगअनिष्ट08:46 – 10:22
- उद्वेगअशुभ10:22 – 11:58
- चरसम11:58 – 13:34
- लाभलाभ13:34 – 15:10
- अमृतश्रेष्ठ15:10 – 16:46
- कालहानि16:46 – 18:22
- लाभलाभ18:22 – 19:46
- उद्वेगअशुभ19:46 – 21:10
- शुभशुभ21:10 – 22:34
- अमृतश्रेष्ठ22:34 – 23:57
- चरसम23:57 – 01:21
- रोगअनिष्ट01:21 – 02:45
- कालहानि02:45 – 04:09
- लाभलाभ04:09 – 05:33
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:34–06:38 |
| गुरु | 06:38–07:42 |
| मंगल | 07:42–08:46 |
| सूर्य | 08:46–09:50 |
| शुक्र | 09:50–10:54 |
| बुध | 10:54–11:58 |
| चन्द्र | 11:58–13:02 |
| शनि | 13:02–14:06 |
| गुरु | 14:06–15:10 |
| मंगल | 15:10–16:14 |
| सूर्य | 16:14–17:18 |
| शुक्र | 17:18–18:22 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:22–19:18 |
| चन्द्र | 19:18–20:14 |
| शनि | 20:14–21:10 |
| गुरु | 21:10–22:06 |
| मंगल | 22:06–23:01 |
| सूर्य | 23:01–23:57 |
| शुक्र | 23:57–00:53 |
| बुध | 00:53–01:49 |
| चन्द्र | 01:49–02:45 |
| शनि | 02:45–03:41 |
| गुरु | 03:41–04:37 |
| मंगल | 04:37–05:33 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 2 पद06:29 तक
- पुनर्वसु 3 पद13:08 तक
- पुनर्वसु 4 पद19:50 तक
- पुष्य 1 पद02:32, 18 अप्रैल तक
- पुष्य 2 पद09:15, 18 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 48m
- रात्रिमान
- 11h 11m
- मध्याह्न
- 11:58
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम · 13:08 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:48 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 07:48 तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:34 –07:05
- शुभ मुहूर्त07:05 –07:48
- चोर पंचक07:48 –09:02
- शुभ मुहूर्त09:02 –11:16
- रोग पंचक11:16 –13:34
- शुभ मुहूर्त13:34 –15:48
- मृत्यु पंचक15:48 –18:01
- अग्नि पंचक18:01 –19:50
- शुभ मुहूर्त19:50 –20:17
- राज पंचक20:17 –22:34
- शुभ मुहूर्त22:34 –00:39, 18 अप्रैल
- चोर पंचक00:39 –02:24, 18 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:24 –03:55, 18 अप्रैल
- रोग पंचक03:55 –05:23, 18 अप्रैल
- चोर पंचक05:23 –05:33, 18 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:27 –07:05
- वृषभ07:05 –09:02
- मिथुन09:02 –11:16
- कर्क11:16 –13:34
- सिंह13:34 –15:48
- कन्या15:48 –18:01
- तुला18:01 –20:17
- वृश्चिक20:17 –22:34
- धनु22:34 –00:39, 18 अप्रैल
- मकर00:39 –02:24, 18 अप्रैल
- कुम्भ02:24 –03:55, 18 अप्रैल
- मीन03:55 –05:23, 18 अप्रैल
- मेष05:23 –07:01, 18 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 17 अप्रैल 2032
शनिवार, 17 अप्रैल 2032 को वाराणसी में सूर्योदय 05:34 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 07:48 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 19:50 तक, फिर पुष्य; योग सुकर्मा 12:44 तक, फिर धृति; करण वणिज 07:48 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:46–10:22, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 17 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 07:48 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:34, वाराणसी)।
17 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 19:50 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 13:08 तक।
वाराणसी में 17 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:46–10:22, यमगण्ड 13:34–15:10, गुलिक काल 05:34–07:10।
वाराणसी में 17 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 11:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3082° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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