पंचांग · गुरुवार, 18 दिसंबर 2031वाराणसी

मार्गशीर्ष · शुक्ल पंचमी · विक्रम संवत 2088विवाह पंचमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:37सूर्योदय17:11सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल पंचमी
शुक्ल · 22:28 तक
नक्षत्र
श्रवण
07:47 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3717:11
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:14 –14:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:37दिन17:11
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:11रात06:38
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
18:0020:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल पंचमी
    22:28 तक
  2. शुक्ल षष्ठी
    20:03, 19 दिस॰ तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    07:47 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    05:46, 19 दिस॰ तक
  3. शतभिषास्वामी राहु
    04:15, 20 दिस॰ तक
योग
  1. हर्षण
    01:47, 19 दिस॰ तक
  2. वज्र
    22:39, 19 दिस॰ तक
करण
  1. बव
    11:50 तक
  2. बालव
    22:28 तक
  3. कौलव
    09:12, 19 दिस॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:37
बिंब मध्य 06:41
सूर्यास्त
17:11
बिंब मध्य 17:07
चंद्रोदय
09:50
चंद्रास्त
21:40
दिनमान
10h 34m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मकर
18:43 तक
सूर्य राशि
धनु

चांद्र पंचांग

अमांत मास
मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:50 –05:44
  • प्रातः संध्या05:17 –06:37
  • अभिजित मुहूर्त11:33 –12:16
  • विजय मुहूर्त13:40 –14:22
  • गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:38
  • सायाह्न संध्या17:11 –18:32
  • निशीथ मुहूर्त23:28 –00:22, 19 दिस॰
  • अमृत काल20:15 –21:43
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:14 –14:33
  • यमगंड06:37 –07:57
  • गुलिक काल09:16 –10:35
  • दुर्मुहूर्त10:09 –10:51
  • दुर्मुहूर्त14:22 –15:05
  • वर्ज्य11:27 –12:55

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:37 – 07:57
  • रोगअनिष्ट07:57 – 09:16
  • उद्वेगअशुभ09:16 – 10:35
  • चरसम10:35 – 11:54
  • लाभलाभ11:54 – 13:14
  • अमृतश्रेष्ठ13:14 – 14:33
  • कालहानि14:33 – 15:52
  • शुभशुभ15:52 – 17:11
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:11 – 18:52
  • चरसम18:52 – 20:33
  • रोगअनिष्ट20:33 – 22:14
  • कालहानि22:14 – 23:55
  • लाभलाभ23:55 – 01:36
  • उद्वेगअशुभ01:36 – 03:16
  • शुभशुभ03:16 – 04:57
  • अमृतश्रेष्ठ04:57 – 06:38

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:37–07:30
मंगल07:30–08:23
सूर्य08:23–09:16
शुक्र09:16–10:09
बुध10:09–11:02
चन्द्र11:02–11:54
शनि11:54–12:47
गुरु12:47–13:40
मंगल13:40–14:33
सूर्य14:33–15:26
शुक्र15:26–16:19
बुध16:19–17:11
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:11–18:19
शनि18:19–19:26
गुरु19:26–20:33
मंगल20:33–21:40
सूर्य21:40–22:48
शुक्र22:48–23:55
बुध23:55–01:02
चन्द्र01:02–02:09
शनि02:09–03:16
गुरु03:16–04:24
मंगल04:24–05:31
सूर्य05:31–06:38

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 4 पद07:47 तक
  • धनिष्ठा 1 पद13:15 तक
  • धनिष्ठा 2 पद18:43 तक
  • धनिष्ठा 3 पद00:14, 19 दिस॰ तक
  • धनिष्ठा 4 पद05:46, 19 दिस॰ तक
  • शतभिषा 1 पद11:20, 19 दिस॰ तक
सूर्य नक्षत्र
मूल 1 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 34m
रात्रिमान
13h 27m
मध्याह्न
11:54

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 18:43 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 07:47 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · 05:46, 19 दिस॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 18:43 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 22:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 22:28 तकनंदी पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:37 –07:47
  • चोर पंचक07:47 –08:39
  • शुभ मुहूर्त08:39 –10:23
  • रोग पंचक10:23 –11:54
  • शुभ मुहूर्त11:54 –15:01
  • रोग पंचक15:01 –16:58
  • शुभ मुहूर्त16:58 –19:12
  • मृत्यु पंचक19:12 –21:30
  • अग्नि पंचक21:30 –22:28
  • शुभ मुहूर्त22:28 –23:44
  • राज पंचक23:44 –01:57, 19 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त01:57 –04:13, 19 दिस॰
  • चोर पंचक04:13 –05:46, 19 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त05:46 –06:30, 19 दिस॰
  • रोग पंचक06:30 –06:38, 19 दिस॰

उदय लग्न

  • धनु06:34 –08:39
  • मकर08:39 –10:23
  • कुम्भ10:23 –11:54
  • मीन11:54 –13:23
  • मेष13:23 –15:01
  • वृषभ15:01 –16:58
  • मिथुन16:58 –19:12
  • कर्क19:12 –21:30
  • सिंह21:30 –23:44
  • कन्या23:44 –01:57, 19 दिस॰
  • तुला01:57 –04:13, 19 दिस॰
  • वृश्चिक04:13 –06:30, 19 दिस॰
  • धनु06:30 –08:35, 19 दिस॰

पंचांग · वाराणसी, 18 दिसंबर 2031

गुरुवार, 18 दिसंबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 06:37 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 22:28 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र श्रवण 07:47 तक, फिर धनिष्ठा; योग हर्षण 19 दिसंबर 01:47 तक, फिर वज्र; करण बव 11:50 तक, फिर बालव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य धनु राशि में। राहुकाल 13:14–14:33, अभिजित मुहूर्त 11:33–12:16। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 18 दिसंबर 2031 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल पंचमी 22:28 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:37, वाराणसी)।

18 दिसंबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 07:47 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 18:43 तक।

वाराणसी में 18 दिसंबर 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:14–14:33, यमगण्ड 06:37–07:57, गुलिक काल 09:16–10:35।

वाराणसी में 18 दिसंबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 09:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 दिसंबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:33–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:50–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

18 दिसंबर 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

विवाह पंचमी।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर दिसंबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3036° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP