पंचांग · मंगलवार, 4 नवंबर 2031वाराणसी

आश्विन · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:07सूर्योदय17:16सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 18:23 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
23:13 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0717:16
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:29 –15:52
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:07दिन17:16
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:16रात06:08
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
दुर्मुहूर्त
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    18:23 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    20:48, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    23:13 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    02:07, 6 नव॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    03:18, 5 नव॰ तक
  2. साध्य
    04:08, 6 नव॰ तक
करण
  1. तैतिल
    18:23 तक
  2. गर
    07:34, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:07
बिंब मध्य 06:11
सूर्यास्त
17:16
बिंब मध्य 17:11
चंद्रोदय
21:23
चंद्रास्त
10:16
दिनमान
11h 9m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मिथुन
19:23, 5 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:16
  • प्रातः संध्या04:50 –06:07
  • अभिजित मुहूर्त11:19 –12:04
  • विजय मुहूर्त13:33 –14:17
  • गोधूलि मुहूर्त17:16 –17:41
  • सायाह्न संध्या17:16 –18:33
  • निशीथ मुहूर्त23:16 –00:08, 5 नव॰
  • अमृत काल12:06 –13:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:29 –15:52
  • यमगंड08:54 –10:18
  • गुलिक काल11:41 –13:05
  • दुर्मुहूर्त08:21 –09:06
  • दुर्मुहूर्त22:25 –23:16
  • वर्ज्य05:53 –07:40

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:07 – 07:31
  • उद्वेगअशुभ07:31 – 08:54
  • चरसम08:54 – 10:18
  • लाभलाभ10:18 – 11:41
  • अमृतश्रेष्ठ11:41 – 13:05
  • कालहानि13:05 – 14:29
  • शुभशुभ14:29 – 15:52
  • रोगअनिष्ट15:52 – 17:16
रात
  • कालहानि17:16 – 18:52
  • लाभलाभ18:52 – 20:29
  • उद्वेगअशुभ20:29 – 22:05
  • शुभशुभ22:05 – 23:42
  • अमृतश्रेष्ठ23:42 – 01:18
  • चरसम01:18 – 02:55
  • रोगअनिष्ट02:55 – 04:31
  • कालहानि04:31 – 06:08

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:07–07:03
सूर्य07:03–07:59
शुक्र07:59–08:54
बुध08:54–09:50
चन्द्र09:50–10:46
शनि10:46–11:41
गुरु11:41–12:37
मंगल12:37–13:33
सूर्य13:33–14:29
शुक्र14:29–15:24
बुध15:24–16:20
चन्द्र16:20–17:16
रात
ग्रहसमय
शनि17:16–18:20
गुरु18:20–19:24
मंगल19:24–20:29
सूर्य20:29–21:33
शुक्र21:33–22:37
बुध22:37–23:42
चन्द्र23:42–00:46
शनि00:46–01:51
गुरु01:51–02:55
मंगल02:55–03:59
सूर्य03:59–05:04
शुक्र05:04–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 2 पद09:50 तक
  • आर्द्रा 3 पद16:31 तक
  • आर्द्रा 4 पद23:13 तक
  • पुनर्वसु 1 पद05:55, 5 नव॰ तक
  • पुनर्वसु 2 पद12:39, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 9m
रात्रिमान
12h 52m
मध्याह्न
11:41

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 23:13 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:23 तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 18:23 तकभोजन में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:07 –07:10
  • मृत्यु पंचक07:10 –09:27
  • अग्नि पंचक09:27 –11:32
  • शुभ मुहूर्त11:32 –13:16
  • राज पंचक13:16 –14:47
  • शुभ मुहूर्त14:47 –17:54
  • राज पंचक17:54 –18:23
  • शुभ मुहूर्त18:23 –19:51
  • चोर पंचक19:51 –22:05
  • शुभ मुहूर्त22:05 –23:13
  • रोग पंचक23:13 –00:23, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:23 –02:37, 5 नव॰
  • मृत्यु पंचक02:37 –04:50, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक04:50 –06:08, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:54 –07:10
  • वृश्चिक07:10 –09:27
  • धनु09:27 –11:32
  • मकर11:32 –13:16
  • कुम्भ13:16 –14:47
  • मीन14:47 –16:16
  • मेष16:16 –17:54
  • वृषभ17:54 –19:51
  • मिथुन19:51 –22:05
  • कर्क22:05 –00:23, 5 नव॰
  • सिंह00:23 –02:37, 5 नव॰
  • कन्या02:37 –04:50, 5 नव॰
  • तुला04:50 –07:06, 5 नव॰

पंचांग · वाराणसी, 4 नवंबर 2031

मंगलवार, 4 नवंबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 17:16 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 18:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र आर्द्रा 23:13 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 5 नवंबर 03:18 तक, फिर साध्य; करण तैतिल 18:23 तक, फिर गर। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:29–15:52, अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 4 नवंबर 2031 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 18:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:07, वाराणसी)।

4 नवंबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 23:13 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 नवंबर 19:23 तक।

वाराणसी में 4 नवंबर 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:29–15:52, यमगण्ड 08:54–10:18, गुलिक काल 11:41–13:05।

वाराणसी में 4 नवंबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:16, चंद्रोदय 21:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3019° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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