पंचांग · सोमवार, 20 अक्टूबर 2031वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्थी08:24 तक
- शुक्ल पंचमी06:26, 21 अक्टू॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध01:06, 21 अक्टू॰ तक
- मूलस्वामी केतु23:46, 21 अक्टू॰ तक
- सौभाग्य09:50 तक
- शोभन07:05, 21 अक्टू॰ तक
- विष्टि08:24 तक
- बव19:27 तक
- बालव06:26, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:59बिंब मध्य 06:02
- सूर्यास्त
- 17:27बिंब मध्य 17:23
- चंद्रोदय
- 09:42
- चंद्रास्त
- 20:46
- दिनमान
- 11h 28m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक01:06, 21 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:09
- प्रातः संध्या04:44 –05:59
- अभिजित मुहूर्त11:20 –12:06
- विजय मुहूर्त13:37 –14:23
- गोधूलि मुहूर्त17:27 –17:52
- सायाह्न संध्या17:27 –18:42
- निशीथ मुहूर्त23:18 –00:08, 21 अक्टू॰
- अमृत काल16:45 –18:16
- राहु काल07:25 –08:51
- यमगंड10:17 –11:43
- गुलिक काल13:09 –14:35
- दुर्मुहूर्त12:06 –12:52
- दुर्मुहूर्त14:23 –15:09
- वर्ज्य07:38 –09:09
- गंड मूल05:59 –01:06, 21 अक्टू॰
- गंड मूल01:06 –05:59, 21 अक्टू॰
- भद्रा05:59 –08:24
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:59 – 07:25
- कालहानि07:25 – 08:51
- शुभशुभ08:51 – 10:17
- रोगअनिष्ट10:17 – 11:43
- उद्वेगअशुभ11:43 – 13:09
- चरसम13:09 – 14:35
- लाभलाभ14:35 – 16:01
- अमृतश्रेष्ठ16:01 – 17:27
- चरसम17:27 – 19:01
- रोगअनिष्ट19:01 – 20:35
- कालहानि20:35 – 22:09
- लाभलाभ22:09 – 23:43
- उद्वेगअशुभ23:43 – 01:17
- शुभशुभ01:17 – 02:51
- अमृतश्रेष्ठ02:51 – 04:25
- चरसम04:25 – 05:59
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:59–06:56 |
| शनि | 06:56–07:53 |
| गुरु | 07:53–08:51 |
| मंगल | 08:51–09:48 |
| सूर्य | 09:48–10:45 |
| शुक्र | 10:45–11:43 |
| बुध | 11:43–12:40 |
| चन्द्र | 12:40–13:37 |
| शनि | 13:37–14:35 |
| गुरु | 14:35–15:32 |
| मंगल | 15:32–16:30 |
| सूर्य | 16:30–17:27 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:27–18:30 |
| बुध | 18:30–19:32 |
| चन्द्र | 19:32–20:35 |
| शनि | 20:35–21:38 |
| गुरु | 21:38–22:40 |
| मंगल | 22:40–23:43 |
| सूर्य | 23:43–00:46 |
| शुक्र | 00:46–01:48 |
| बुध | 01:48–02:51 |
| चन्द्र | 02:51–03:54 |
| शनि | 03:54–04:57 |
| गुरु | 04:57–05:59 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 1 पद08:02 तक
- ज्येष्ठा 2 पद13:44 तक
- ज्येष्ठा 3 पद19:25 तक
- ज्येष्ठा 4 पद01:06, 21 अक्टू॰ तक
- मूल 1 पद06:47, 21 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 28m
- रात्रिमान
- 12h 32m
- मध्याह्न
- 11:43
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 01:06, 21 अक्टू॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 08:24 तककैलाश पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:59 –08:09
- शुभ मुहूर्त08:09 –08:24
- चोर पंचक08:24 –10:26
- शुभ मुहूर्त10:26 –12:31
- रोग पंचक12:31 –14:15
- शुभ मुहूर्त14:15 –15:46
- मृत्यु पंचक15:46 –17:15
- रोग पंचक17:15 –18:53
- शुभ मुहूर्त18:53 –20:50
- मृत्यु पंचक20:50 –23:04
- अग्नि पंचक23:04 –01:06, 21 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:06 –01:22, 21 अक्टू॰
- राज पंचक01:22 –03:36, 21 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:36 –05:49, 21 अक्टू॰
- चोर पंचक05:49 –05:59, 21 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:53 –08:09
- वृश्चिक08:09 –10:26
- धनु10:26 –12:31
- मकर12:31 –14:15
- कुम्भ14:15 –15:46
- मीन15:46 –17:15
- मेष17:15 –18:53
- वृषभ18:53 –20:50
- मिथुन20:50 –23:04
- कर्क23:04 –01:22, 21 अक्टू॰
- सिंह01:22 –03:36, 21 अक्टू॰
- कन्या03:36 –05:49, 21 अक्टू॰
- तुला05:49 –08:05, 21 अक्टू॰
पंचांग · वाराणसी, 20 अक्टूबर 2031
सोमवार, 20 अक्टूबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 17:27 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल; योग सौभाग्य 09:50 तक, फिर शोभन; करण विष्टि 08:24 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:25–08:51, अभिजित मुहूर्त 11:20–12:06। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 20 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 05:59, वाराणसी)।
20 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 21 अक्टूबर 01:06 तक।
वाराणसी में 20 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:25–08:51, यमगण्ड 10:17–11:43, गुलिक काल 13:09–14:35।
वाराणसी में 20 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 17:27, चंद्रोदय 09:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:20–12:06, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3013° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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