पंचांग · गुरुवार, 2 अक्टूबर 2031वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया21:52 तक
- कृष्ण तृतीया21:34, 3 अक्टू॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध05:50 तक
- अश्विनीस्वामी केतु05:44, 3 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र06:20, 4 अक्टू॰ तक
- व्याघात20:49 तक
- हर्षण19:26, 3 अक्टू॰ तक
- तैतिल10:17 तक
- गर21:52 तक
- वणिज09:37, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:50बिंब मध्य 05:54
- सूर्यास्त
- 17:44बिंब मध्य 17:40
- चंद्रोदय
- 18:43
- चंद्रास्त
- 07:07
- दिनमान
- 11h 54m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मीन05:50 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:14 –05:02
- प्रातः संध्या04:38 –05:50
- अभिजित मुहूर्त11:24 –12:11
- विजय मुहूर्त13:46 –14:34
- गोधूलि मुहूर्त17:44 –18:09
- सायाह्न संध्या17:44 –18:57
- निशीथ मुहूर्त23:23 –00:12, 3 अक्टू॰
- अमृत काल22:34 –00:10, 3 अक्टू॰
- राहु काल13:17 –14:46
- यमगंड05:50 –07:20
- गुलिक काल08:49 –10:18
- दुर्मुहूर्त09:48 –10:36
- दुर्मुहूर्त14:34 –15:22
- वर्ज्य01:45 –03:21, 3 अक्टू॰
- गंड मूल05:50 –05:50
- गंड मूल05:50 –05:44, 3 अक्टू॰
चौघड़िया
- शुभशुभ05:50 – 07:20
- रोगअनिष्ट07:20 – 08:49
- उद्वेगअशुभ08:49 – 10:18
- चरसम10:18 – 11:47
- लाभलाभ11:47 – 13:17
- अमृतश्रेष्ठ13:17 – 14:46
- कालहानि14:46 – 16:15
- शुभशुभ16:15 – 17:44
- अमृतश्रेष्ठ17:44 – 19:15
- चरसम19:15 – 20:46
- रोगअनिष्ट20:46 – 22:17
- कालहानि22:17 – 23:48
- लाभलाभ23:48 – 01:18
- उद्वेगअशुभ01:18 – 02:49
- शुभशुभ02:49 – 04:20
- अमृतश्रेष्ठ04:20 – 05:51
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:50–06:50 |
| मंगल | 06:50–07:49 |
| सूर्य | 07:49–08:49 |
| शुक्र | 08:49–09:48 |
| बुध | 09:48–10:48 |
| चन्द्र | 10:48–11:47 |
| शनि | 11:47–12:47 |
| गुरु | 12:47–13:46 |
| मंगल | 13:46–14:46 |
| सूर्य | 14:46–15:45 |
| शुक्र | 15:45–16:45 |
| बुध | 16:45–17:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:44–18:45 |
| शनि | 18:45–19:45 |
| गुरु | 19:45–20:46 |
| मंगल | 20:46–21:47 |
| सूर्य | 21:47–22:47 |
| शुक्र | 22:47–23:48 |
| बुध | 23:48–00:48 |
| चन्द्र | 00:48–01:49 |
| शनि | 01:49–02:49 |
| गुरु | 02:49–03:50 |
| मंगल | 03:50–04:50 |
| सूर्य | 04:50–05:51 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 4 पद05:50 तक
- अश्विनी 1 पद11:45 तक
- अश्विनी 2 पद17:42 तक
- अश्विनी 3 पद23:42 तक
- अश्विनी 4 पद05:44, 3 अक्टू॰ तक
- भरणी 1 पद11:49, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 54m
- रात्रिमान
- 12h 7m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 05:50 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:52 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 21:52 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:50 –05:50
- अग्नि पंचक05:50 –07:03
- शुभ मुहूर्त07:03 –09:20
- राज पंचक09:20 –11:37
- शुभ मुहूर्त11:37 –13:41
- चोर पंचक13:41 –15:26
- शुभ मुहूर्त15:26 –16:57
- रोग पंचक16:57 –18:25
- चोर पंचक18:25 –20:04
- शुभ मुहूर्त20:04 –21:52
- रोग पंचक21:52 –22:01
- शुभ मुहूर्त22:01 –00:15, 3 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक00:15 –02:33, 3 अक्टू॰
- अग्नि पंचक02:33 –04:46, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:46 –05:44, 3 अक्टू॰
- राज पंचक05:44 –05:51, 3 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:50 –07:03
- तुला07:03 –09:20
- वृश्चिक09:20 –11:37
- धनु11:37 –13:41
- मकर13:41 –15:26
- कुम्भ15:26 –16:57
- मीन16:57 –18:25
- मेष18:25 –20:04
- वृषभ20:04 –22:01
- मिथुन22:01 –00:15, 3 अक्टू॰
- कर्क00:15 –02:33, 3 अक्टू॰
- सिंह02:33 –04:46, 3 अक्टू॰
- कन्या04:46 –06:59, 3 अक्टू॰
पंचांग · वाराणसी, 2 अक्टूबर 2031
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:44 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 21:52 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र रेवती 05:50 तक, फिर अश्विनी; योग व्याघात 20:49 तक, फिर हर्षण; करण तैतिल 10:17 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:17–14:46, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:11। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 2 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 21:52 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:50, वाराणसी)।
2 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 05:50 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 05:50 तक।
वाराणसी में 2 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:17–14:46, यमगण्ड 05:50–07:20, गुलिक काल 08:49–10:18।
वाराणसी में 2 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:44, चंद्रोदय 18:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:24–12:11, ब्रह्म मुहूर्त 04:14–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3006° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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