पंचांग · गुरुवार, 17 अप्रैल 2031वाराणसी

चैत्र · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2088वरुथिनी एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:34सूर्योदय18:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 00:23, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
09:19 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3418:22
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:34 –15:10
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:34दिन18:22
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:22रात05:33
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    00:23, 18 अप्रैल तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    23:16, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. धनिष्ठास्वामी मंगल
    09:19 तक
  2. शतभिषास्वामी राहु
    08:42, 18 अप्रैल तक
योग
  1. शुक्ल
    02:45, 18 अप्रैल तक
  2. ब्रह्मा
    00:48, 19 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    13:04 तक
  2. बालव
    00:23, 18 अप्रैल तक
  3. कौलव
    11:47, 18 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:34
बिंब मध्य 05:38
सूर्यास्त
18:22
बिंब मध्य 18:17
चंद्रोदय
02:23
चंद्रास्त
14:21
दिनमान
12h 48m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
कुम्भ
02:28, 19 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:49
  • प्रातः संध्या04:27 –05:34
  • अभिजित मुहूर्त11:32 –12:24
  • विजय मुहूर्त14:06 –14:57
  • गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:44
  • सायाह्न संध्या18:22 –19:29
  • निशीथ मुहूर्त23:35 –00:20, 18 अप्रैल
  • अमृत काल01:41 –03:15, 18 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:34 –15:10
  • यमगंड05:34 –07:10
  • गुलिक काल08:46 –10:22
  • दुर्मुहूर्त09:50 –10:41
  • दुर्मुहूर्त14:57 –15:48
  • वर्ज्य16:20 –17:53

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:34 – 07:10
  • रोगअनिष्ट07:10 – 08:46
  • उद्वेगअशुभ08:46 – 10:22
  • चरसम10:22 – 11:58
  • लाभलाभ11:58 – 13:34
  • अमृतश्रेष्ठ13:34 – 15:10
  • कालहानि15:10 – 16:46
  • शुभशुभ16:46 – 18:22
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:22 – 19:46
  • चरसम19:46 – 21:10
  • रोगअनिष्ट21:10 – 22:34
  • कालहानि22:34 – 23:57
  • लाभलाभ23:57 – 01:21
  • उद्वेगअशुभ01:21 – 02:45
  • शुभशुभ02:45 – 04:09
  • अमृतश्रेष्ठ04:09 – 05:33

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:34–06:38
मंगल06:38–07:42
सूर्य07:42–08:46
शुक्र08:46–09:50
बुध09:50–10:54
चन्द्र10:54–11:58
शनि11:58–13:02
गुरु13:02–14:06
मंगल14:06–15:10
सूर्य15:10–16:14
शुक्र16:14–17:18
बुध17:18–18:22
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:22–19:18
शनि19:18–20:14
गुरु20:14–21:10
मंगल21:10–22:06
सूर्य22:06–23:02
शुक्र23:02–23:57
बुध23:57–00:53
चन्द्र00:53–01:49
शनि01:49–02:45
गुरु02:45–03:41
मंगल03:41–04:37
सूर्य04:37–05:33

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • धनिष्ठा 4 पद09:19 तक
  • शतभिषा 1 पद15:08 तक
  • शतभिषा 2 पद20:58 तक
  • शतभिषा 3 पद02:50, 18 अप्रैल तक
  • शतभिषा 4 पद08:42, 18 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 48m
रात्रिमान
11h 11m
मध्याह्न
11:58

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
धनिष्ठा · 09:19 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:23, 18 अप्रैल तकआकाश
शिववास
कैलाश पर · 00:23, 18 अप्रैल तकनंदी पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:34 –07:08
  • अग्नि पंचक07:08 –09:05
  • शुभ मुहूर्त09:05 –09:19
  • राज पंचक09:19 –11:19
  • शुभ मुहूर्त11:19 –13:37
  • चोर पंचक13:37 –15:51
  • शुभ मुहूर्त15:51 –18:04
  • रोग पंचक18:04 –20:20
  • शुभ मुहूर्त20:20 –22:37
  • मृत्यु पंचक22:37 –00:23, 18 अप्रैल
  • अग्नि पंचक00:23 –00:42, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:42 –02:27, 18 अप्रैल
  • राज पंचक02:27 –03:58, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:58 –05:33, 18 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:30 –07:08
  • वृषभ07:08 –09:05
  • मिथुन09:05 –11:19
  • कर्क11:19 –13:37
  • सिंह13:37 –15:51
  • कन्या15:51 –18:04
  • तुला18:04 –20:20
  • वृश्चिक20:20 –22:37
  • धनु22:37 –00:42, 18 अप्रैल
  • मकर00:42 –02:27, 18 अप्रैल
  • कुम्भ02:27 –03:58, 18 अप्रैल
  • मीन03:58 –05:26, 18 अप्रैल
  • मेष05:26 –07:04, 18 अप्रैल

पंचांग · वाराणसी, 17 अप्रैल 2031

गुरुवार, 17 अप्रैल 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 05:34 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 18 अप्रैल 00:23 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र धनिष्ठा 09:19 तक, फिर शतभिषा; योग शुक्ल 18 अप्रैल 02:45 तक, फिर ब्रह्मा; करण बव 13:04 तक, फिर बालव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 13:34–15:10, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:24। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 17 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 18 अप्रैल 00:23 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 05:34, वाराणसी)।

17 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा 09:19 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा कुम्भ राशि में 19 अप्रैल 02:28 तक।

वाराणसी में 17 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:34–15:10, यमगण्ड 05:34–07:10, गुलिक काल 08:46–10:22।

वाराणसी में 17 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 02:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:32–12:24, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अप्रैल 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

वरुथिनी एकादशी।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2942° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP