पंचांग · शनिवार, 1 फ़रवरी 2031वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी07:11, 2 फ़र॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य13:28 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र16:37, 2 फ़र॰ तक
- ब्रह्मा23:31 तक
- इन्द्र00:32, 3 फ़र॰ तक
- तैतिल17:49 तक
- गर07:11, 2 फ़र॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:41बिंब मध्य 06:45
- सूर्यास्त
- 17:42बिंब मध्य 17:38
- चंद्रोदय
- 12:38
- चंद्रास्त
- 01:39
- दिनमान
- 11h 1m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृषभ06:12, 3 फ़र॰ तक
- सूर्य राशि
- मकर
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:57 –05:49
- प्रातः संध्या05:23 –06:41
- अभिजित मुहूर्त11:50 –12:34
- विजय मुहूर्त14:02 –14:46
- गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
- सायाह्न संध्या17:42 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:37, 2 फ़र॰
- अमृत काल10:47 –12:34
- राहु काल09:27 –10:49
- यमगंड13:34 –14:57
- गुलिक काल06:41 –08:04
- दुर्मुहूर्त06:41 –07:25
- दुर्मुहूर्त07:25 –08:09
चौघड़िया
- कालहानि06:41 – 08:04
- शुभशुभ08:04 – 09:27
- रोगअनिष्ट09:27 – 10:49
- उद्वेगअशुभ10:49 – 12:12
- चरसम12:12 – 13:34
- लाभलाभ13:34 – 14:57
- अमृतश्रेष्ठ14:57 – 16:20
- कालहानि16:20 – 17:42
- लाभलाभ17:42 – 19:19
- उद्वेगअशुभ19:19 – 20:57
- शुभशुभ20:57 – 22:34
- अमृतश्रेष्ठ22:34 – 00:12
- चरसम00:12 – 01:49
- रोगअनिष्ट01:49 – 03:26
- कालहानि03:26 – 05:04
- लाभलाभ05:04 – 06:41
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:41–07:36 |
| गुरु | 07:36–08:31 |
| मंगल | 08:31–09:27 |
| सूर्य | 09:27–10:22 |
| शुक्र | 10:22–11:17 |
| बुध | 11:17–12:12 |
| चन्द्र | 12:12–13:07 |
| शनि | 13:07–14:02 |
| गुरु | 14:02–14:57 |
| मंगल | 14:57–15:52 |
| सूर्य | 15:52–16:47 |
| शुक्र | 16:47–17:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 17:42–18:47 |
| चन्द्र | 18:47–19:52 |
| शनि | 19:52–20:57 |
| गुरु | 20:57–22:02 |
| मंगल | 22:02–23:07 |
| सूर्य | 23:07–00:12 |
| शुक्र | 00:12–01:16 |
| बुध | 01:16–02:21 |
| चन्द्र | 02:21–03:26 |
| शनि | 03:26–04:31 |
| गुरु | 04:31–05:36 |
| मंगल | 05:36–06:41 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद06:42 तक
- कृत्तिका 4 पद13:28 तक
- रोहिणी 1 पद20:14 तक
- रोहिणी 2 पद03:01, 2 फ़र॰ तक
- रोहिणी 3 पद09:49, 2 फ़र॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- श्रवण 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शिशिर
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 1m
- रात्रिमान
- 12h 59m
- मध्याह्न
- 12:12
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल
- शिववास
- सभा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:41 –07:26
- राज पंचक07:26 –08:56
- शुभ मुहूर्त08:56 –12:03
- राज पंचक12:03 –13:28
- शुभ मुहूर्त13:28 –14:00
- चोर पंचक14:00 –16:14
- शुभ मुहूर्त16:14 –18:32
- रोग पंचक18:32 –20:46
- शुभ मुहूर्त20:46 –22:59
- मृत्यु पंचक22:59 –01:15, 2 फ़र॰
- अग्नि पंचक01:15 –03:32, 2 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त03:32 –05:37, 2 फ़र॰
- राज पंचक05:37 –06:41, 2 फ़र॰
उदय लग्न
- मकर05:41 –07:26
- कुम्भ07:26 –08:56
- मीन08:56 –10:25
- मेष10:25 –12:03
- वृषभ12:03 –14:00
- मिथुन14:00 –16:14
- कर्क16:14 –18:32
- सिंह18:32 –20:46
- कन्या20:46 –22:59
- तुला22:59 –01:15, 2 फ़र॰
- वृश्चिक01:15 –03:32, 2 फ़र॰
- धनु03:32 –05:37, 2 फ़र॰
- मकर05:37 –07:22, 2 फ़र॰
पंचांग · वाराणसी, 1 फ़रवरी 2031
शनिवार, 1 फ़रवरी 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 06:41 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 2 फ़रवरी 07:11 तक; नक्षत्र कृत्तिका 13:28 तक, फिर रोहिणी; योग ब्रह्मा 23:31 तक, फिर इन्द्र; करण तैतिल 17:49 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 09:27–10:49, अभिजित मुहूर्त 11:50–12:34। मास माघ (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 1 फ़रवरी 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 2 फ़रवरी 07:11 तक (सूर्योदय 06:41, वाराणसी)।
1 फ़रवरी 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 13:28 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 3 फ़रवरी 06:12 तक।
वाराणसी में 1 फ़रवरी 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:27–10:49, यमगण्ड 13:34–14:57, गुलिक काल 06:41–08:04।
वाराणसी में 1 फ़रवरी 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 12:38 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 फ़रवरी 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:50–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:57–05:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2913° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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