पंचांग · गुरुवार, 21 नवंबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी00:10, 22 नव॰ तक
- कृष्ण द्वादशी21:55, 22 नव॰ तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य11:45 तक
- हस्तस्वामी चन्द्र10:34, 22 नव॰ तक
- विष्कुम्भ09:34 तक
- प्रीति06:55, 22 नव॰ तक
- बव13:02 तक
- बालव00:10, 22 नव॰ तक
- कौलव11:07, 22 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:19बिंब मध्य 06:23
- सूर्यास्त
- 17:08बिंब मध्य 17:04
- चंद्रोदय
- 01:53
- चंद्रास्त
- 13:56
- दिनमान
- 10h 49m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कन्या21:43, 22 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:26
- प्रातः संध्या05:00 –06:19
- अभिजित मुहूर्त11:22 –12:05
- विजय मुहूर्त13:32 –14:15
- गोधूलि मुहूर्त17:08 –17:35
- सायाह्न संध्या17:08 –18:28
- निशीथ मुहूर्त23:18 –00:11, 22 नव॰
- अमृत काल04:52 –06:23, 22 नव॰
- राहु काल13:05 –14:26
- यमगंड06:19 –07:40
- गुलिक काल09:01 –10:23
- दुर्मुहूर्त09:56 –10:39
- दुर्मुहूर्त14:15 –14:59
- वर्ज्य19:44 –21:15
चौघड़िया
- शुभशुभ06:19 – 07:40
- रोगअनिष्ट07:40 – 09:01
- उद्वेगअशुभ09:01 – 10:23
- चरसम10:23 – 11:44
- लाभलाभ11:44 – 13:05
- अमृतश्रेष्ठ13:05 – 14:26
- कालहानि14:26 – 15:47
- शुभशुभ15:47 – 17:08
- अमृतश्रेष्ठ17:08 – 18:47
- चरसम18:47 – 20:26
- रोगअनिष्ट20:26 – 22:05
- कालहानि22:05 – 23:44
- लाभलाभ23:44 – 01:23
- उद्वेगअशुभ01:23 – 03:02
- शुभशुभ03:02 – 04:41
- अमृतश्रेष्ठ04:41 – 06:20
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:19–07:13 |
| मंगल | 07:13–08:07 |
| सूर्य | 08:07–09:01 |
| शुक्र | 09:01–09:56 |
| बुध | 09:56–10:50 |
| चन्द्र | 10:50–11:44 |
| शनि | 11:44–12:38 |
| गुरु | 12:38–13:32 |
| मंगल | 13:32–14:26 |
| सूर्य | 14:26–15:20 |
| शुक्र | 15:20–16:14 |
| बुध | 16:14–17:08 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:08–18:14 |
| शनि | 18:14–19:20 |
| गुरु | 19:20–20:26 |
| मंगल | 20:26–21:32 |
| सूर्य | 21:32–22:38 |
| शुक्र | 22:38–23:44 |
| बुध | 23:44–00:50 |
| चन्द्र | 00:50–01:56 |
| शनि | 01:56–03:02 |
| गुरु | 03:02–04:08 |
| मंगल | 04:08–05:14 |
| सूर्य | 05:14–06:20 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद11:45 तक
- हस्त 1 पद17:31 तक
- हस्त 2 पद23:15 तक
- हस्त 3 पद04:56, 22 नव॰ तक
- हस्त 4 पद10:34, 22 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अनुराधा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 49m
- रात्रिमान
- 13h 12m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:10, 22 नव॰ तकआकाश
- शिववास
- कैलाश पर · 00:10, 22 नव॰ तकनंदी पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:19 –08:19
- शुभ मुहूर्त08:19 –10:24
- रोग पंचक10:24 –11:45
- शुभ मुहूर्त11:45 –12:09
- मृत्यु पंचक12:09 –13:39
- अग्नि पंचक13:39 –15:08
- शुभ मुहूर्त15:08 –16:46
- मृत्यु पंचक16:46 –18:43
- अग्नि पंचक18:43 –20:57
- शुभ मुहूर्त20:57 –23:15
- राज पंचक23:15 –00:10, 22 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:10 –01:29, 22 नव॰
- चोर पंचक01:29 –03:42, 22 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:42 –05:58, 22 नव॰
- रोग पंचक05:58 –06:20, 22 नव॰
उदय लग्न
- वृश्चिक06:02 –08:19
- धनु08:19 –10:24
- मकर10:24 –12:09
- कुम्भ12:09 –13:39
- मीन13:39 –15:08
- मेष15:08 –16:46
- वृषभ16:46 –18:43
- मिथुन18:43 –20:57
- कर्क20:57 –23:15
- सिंह23:15 –01:29, 22 नव॰
- कन्या01:29 –03:42, 22 नव॰
- तुला03:42 –05:58, 22 नव॰
- वृश्चिक05:58 –08:15, 22 नव॰
पंचांग · वाराणसी, 21 नवंबर 2030
गुरुवार, 21 नवंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 17:08 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 22 नवंबर 00:10 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 11:45 तक, फिर हस्त; योग विष्कुम्भ 09:34 तक, फिर प्रीति; करण बव 13:02 तक, फिर बालव। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 13:05–14:26, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:05। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 21 नवंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 22 नवंबर 00:10 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:19, वाराणसी)।
21 नवंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तर फाल्गुनी 11:45 तक, फिर हस्त। चंद्रमा कन्या राशि में 22 नवंबर 21:43 तक।
वाराणसी में 21 नवंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:05–14:26, यमगण्ड 06:19–07:40, गुलिक काल 09:01–10:23।
वाराणसी में 21 नवंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:08, चंद्रोदय 01:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 नवंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:22–12:05, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 नवंबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
उत्पन्ना एकादशी।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2886° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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