पंचांग · बुधवार, 20 नवंबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण दशमी01:42, 21 नव॰ तक
- कृष्ण एकादशी00:10, 22 नव॰ तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र12:11 तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य11:45, 21 नव॰ तक
- वैधृति11:36 तक
- विष्कुम्भ09:34, 21 नव॰ तक
- वणिज14:11 तक
- विष्टि01:42, 21 नव॰ तक
- बव13:02, 21 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:18बिंब मध्य 06:22
- सूर्यास्त
- 17:09बिंब मध्य 17:04
- चंद्रोदय
- 00:56
- चंद्रास्त
- 13:18
- दिनमान
- 10h 51m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- सिंह18:09 तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:26
- प्रातः संध्या05:00 –06:18
- अभिजित मुहूर्त11:22 –12:05
- विजय मुहूर्त13:32 –14:15
- गोधूलि मुहूर्त17:09 –17:35
- सायाह्न संध्या17:09 –18:28
- निशीथ मुहूर्त23:18 –00:10, 21 नव॰
- अमृत काल05:42 –07:19
- अमृत काल04:41 –06:15, 21 नव॰
- राहु काल11:44 –13:05
- यमगंड07:40 –09:01
- गुलिक काल10:22 –11:44
- दुर्मुहूर्त11:22 –12:05
- वर्ज्य19:15 –20:50
- भद्रा14:11 –01:42, 21 नव॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:18 – 07:40
- अमृतश्रेष्ठ07:40 – 09:01
- कालहानि09:01 – 10:22
- शुभशुभ10:22 – 11:44
- रोगअनिष्ट11:44 – 13:05
- उद्वेगअशुभ13:05 – 14:26
- चरसम14:26 – 15:47
- लाभलाभ15:47 – 17:09
- उद्वेगअशुभ17:09 – 18:47
- शुभशुभ18:47 – 20:26
- अमृतश्रेष्ठ20:26 – 22:05
- चरसम22:05 – 23:44
- रोगअनिष्ट23:44 – 01:23
- कालहानि01:23 – 03:02
- लाभलाभ03:02 – 04:40
- उद्वेगअशुभ04:40 – 06:19
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:18–07:13 |
| चन्द्र | 07:13–08:07 |
| शनि | 08:07–09:01 |
| गुरु | 09:01–09:55 |
| मंगल | 09:55–10:49 |
| सूर्य | 10:49–11:44 |
| शुक्र | 11:44–12:38 |
| बुध | 12:38–13:32 |
| चन्द्र | 13:32–14:26 |
| शनि | 14:26–15:20 |
| गुरु | 15:20–16:14 |
| मंगल | 16:14–17:09 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:09–18:14 |
| शुक्र | 18:14–19:20 |
| बुध | 19:20–20:26 |
| चन्द्र | 20:26–21:32 |
| शनि | 21:32–22:38 |
| गुरु | 22:38–23:44 |
| मंगल | 23:44–00:50 |
| सूर्य | 00:50–01:56 |
| शुक्र | 01:56–03:02 |
| बुध | 03:02–04:07 |
| चन्द्र | 04:07–05:13 |
| शनि | 05:13–06:19 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद12:11 तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद18:09 तक
- उत्तर फाल्गुनी 2 पद00:04, 21 नव॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी 3 पद05:56, 21 नव॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद11:45, 21 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अनुराधा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 51m
- रात्रिमान
- 13h 10m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 18:09 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 01:42, 21 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 01:42, 21 नव॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:18 –08:23
- राज पंचक08:23 –10:28
- शुभ मुहूर्त10:28 –12:11
- चोर पंचक12:11 –12:13
- शुभ मुहूर्त12:13 –13:43
- रोग पंचक13:43 –15:12
- चोर पंचक15:12 –16:50
- शुभ मुहूर्त16:50 –18:47
- रोग पंचक18:47 –21:01
- शुभ मुहूर्त21:01 –23:19
- मृत्यु पंचक23:19 –01:33, 21 नव॰
- अग्नि पंचक01:33 –01:42, 21 नव॰
- शुभ मुहूर्त01:42 –03:46, 21 नव॰
- राज पंचक03:46 –06:02, 21 नव॰
- शुभ मुहूर्त06:02 –06:19, 21 नव॰
उदय लग्न
- वृश्चिक06:06 –08:23
- धनु08:23 –10:28
- मकर10:28 –12:13
- कुम्भ12:13 –13:43
- मीन13:43 –15:12
- मेष15:12 –16:50
- वृषभ16:50 –18:47
- मिथुन18:47 –21:01
- कर्क21:01 –23:19
- सिंह23:19 –01:33, 21 नव॰
- कन्या01:33 –03:46, 21 नव॰
- तुला03:46 –06:02, 21 नव॰
- वृश्चिक06:02 –08:19, 21 नव॰
पंचांग · वाराणसी, 20 नवंबर 2030
बुधवार, 20 नवंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:18 और सूर्यास्त 17:09 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 21 नवंबर 01:42 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 12:11 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वैधृति 11:36 तक, फिर विष्कुम्भ; करण वणिज 14:11 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 11:44–13:05, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:05। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 20 नवंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण दशमी 21 नवंबर 01:42 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:18, वाराणसी)।
20 नवंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 12:11 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 18:09 तक।
वाराणसी में 20 नवंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:44–13:05, यमगण्ड 07:40–09:01, गुलिक काल 10:22–11:44।
वाराणसी में 20 नवंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 17:09, चंद्रोदय 00:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 नवंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:22–12:05, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2885° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP