पंचांग · गुरुवार, 31 अक्टूबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी10:25 तक
- शुक्ल षष्ठी08:04, 1 नव॰ तक
- मूलस्वामी केतु10:06 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र08:29, 1 नव॰ तक
- सुकर्मा20:13 तक
- धृति17:18, 1 नव॰ तक
- बालव10:25 तक
- कौलव21:11 तक
- तैतिल08:04, 1 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:05बिंब मध्य 06:08
- सूर्यास्त
- 17:18बिंब मध्य 17:14
- चंद्रोदय
- 10:35
- चंद्रास्त
- 21:40
- दिनमान
- 11h 13m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- धनु14:08, 1 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:14
- प्रातः संध्या04:48 –06:05
- अभिजित मुहूर्त11:19 –12:04
- विजय मुहूर्त13:34 –14:19
- गोधूलि मुहूर्त17:18 –17:44
- सायाह्न संध्या17:18 –18:35
- निशीथ मुहूर्त23:16 –00:07, 1 नव॰
- अमृत काल04:00 –05:29, 1 नव॰
- राहु काल13:06 –14:30
- यमगंड06:05 –07:29
- गुलिक काल08:53 –10:17
- दुर्मुहूर्त09:49 –10:34
- दुर्मुहूर्त14:19 –15:03
- वर्ज्य08:38 –10:06
- वर्ज्य19:03 –20:32
- गंड मूल06:05 –10:06
चौघड़िया
- शुभशुभ06:05 – 07:29
- रोगअनिष्ट07:29 – 08:53
- उद्वेगअशुभ08:53 – 10:17
- चरसम10:17 – 11:42
- लाभलाभ11:42 – 13:06
- अमृतश्रेष्ठ13:06 – 14:30
- कालहानि14:30 – 15:54
- शुभशुभ15:54 – 17:18
- अमृतश्रेष्ठ17:18 – 18:54
- चरसम18:54 – 20:30
- रोगअनिष्ट20:30 – 22:06
- कालहानि22:06 – 23:42
- लाभलाभ23:42 – 01:18
- उद्वेगअशुभ01:18 – 02:54
- शुभशुभ02:54 – 04:30
- अमृतश्रेष्ठ04:30 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:05–07:01 |
| मंगल | 07:01–07:57 |
| सूर्य | 07:57–08:53 |
| शुक्र | 08:53–09:49 |
| बुध | 09:49–10:45 |
| चन्द्र | 10:45–11:42 |
| शनि | 11:42–12:38 |
| गुरु | 12:38–13:34 |
| मंगल | 13:34–14:30 |
| सूर्य | 14:30–15:26 |
| शुक्र | 15:26–16:22 |
| बुध | 16:22–17:18 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:18–18:22 |
| शनि | 18:22–19:26 |
| गुरु | 19:26–20:30 |
| मंगल | 20:30–21:34 |
| सूर्य | 21:34–22:38 |
| शुक्र | 22:38–23:42 |
| बुध | 23:42–00:46 |
| चन्द्र | 00:46–01:50 |
| शनि | 01:50–02:54 |
| गुरु | 02:54–03:58 |
| मंगल | 03:58–05:02 |
| सूर्य | 05:02–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 4 पद10:06 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद15:39 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद21:14 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद02:50, 1 नव॰ तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद08:29, 1 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 13m
- रात्रिमान
- 12h 48m
- मध्याह्न
- 11:42
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:25 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 10:25 तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:05 –07:25
- मृत्यु पंचक07:25 –09:42
- अग्नि पंचक09:42 –10:06
- शुभ मुहूर्त10:06 –10:25
- राज पंचक10:25 –11:46
- शुभ मुहूर्त11:46 –13:31
- चोर पंचक13:31 –15:02
- शुभ मुहूर्त15:02 –18:09
- चोर पंचक18:09 –20:06
- शुभ मुहूर्त20:06 –22:20
- रोग पंचक22:20 –00:38, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:38 –02:51, 1 नव॰
- मृत्यु पंचक02:51 –05:04, 1 नव॰
- अग्नि पंचक05:04 –06:06, 1 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:08 –07:25
- वृश्चिक07:25 –09:42
- धनु09:42 –11:46
- मकर11:46 –13:31
- कुम्भ13:31 –15:02
- मीन15:02 –16:30
- मेष16:30 –18:09
- वृषभ18:09 –20:06
- मिथुन20:06 –22:20
- कर्क22:20 –00:38, 1 नव॰
- सिंह00:38 –02:51, 1 नव॰
- कन्या02:51 –05:04, 1 नव॰
- तुला05:04 –07:21, 1 नव॰
पंचांग · वाराणसी, 31 अक्टूबर 2030
गुरुवार, 31 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:05 और सूर्यास्त 17:18 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 10:25 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र मूल 10:06 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग सुकर्मा 20:13 तक, फिर धृति; करण बालव 10:25 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:06–14:30, अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 31 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 10:25 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:05, वाराणसी)।
31 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 10:06 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 1 नवंबर 14:08 तक।
वाराणसी में 31 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:06–14:30, यमगण्ड 06:05–07:29, गुलिक काल 08:53–10:17।
वाराणसी में 31 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:18, चंद्रोदय 10:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
31 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2878° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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