पंचांग · सोमवार, 14 अक्टूबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया21:09 तक
- कृष्ण चतुर्थी23:37, 15 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र08:21 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य11:10, 15 अक्टू॰ तक
- सिद्धि03:09, 15 अक्टू॰ तक
- व्यतीपात04:05, 16 अक्टू॰ तक
- वणिज08:02 तक
- विष्टि21:09 तक
- बव10:21, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:56बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 17:32बिंब मध्य 17:28
- चंद्रोदय
- 19:20
- चंद्रास्त
- 08:17
- दिनमान
- 11h 36m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मेष15:01 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:06
- प्रातः संध्या04:42 –05:56
- अभिजित मुहूर्त11:21 –12:07
- विजय मुहूर्त13:40 –14:26
- गोधूलि मुहूर्त17:32 –17:57
- सायाह्न संध्या17:32 –18:47
- निशीथ मुहूर्त23:19 –00:09, 15 अक्टू॰
- राहु काल07:23 –08:50
- यमगंड10:17 –11:44
- गुलिक काल13:11 –14:38
- दुर्मुहूर्त12:07 –12:54
- दुर्मुहूर्त14:26 –15:13
- वर्ज्य21:45 –23:33
- भद्रा08:02 –21:09
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:56 – 07:23
- कालहानि07:23 – 08:50
- शुभशुभ08:50 – 10:17
- रोगअनिष्ट10:17 – 11:44
- उद्वेगअशुभ11:44 – 13:11
- चरसम13:11 – 14:38
- लाभलाभ14:38 – 16:05
- अमृतश्रेष्ठ16:05 – 17:32
- चरसम17:32 – 19:05
- रोगअनिष्ट19:05 – 20:38
- कालहानि20:38 – 22:11
- लाभलाभ22:11 – 23:44
- उद्वेगअशुभ23:44 – 01:17
- शुभशुभ01:17 – 02:50
- अमृतश्रेष्ठ02:50 – 04:23
- चरसम04:23 – 05:56
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:56–06:54 |
| शनि | 06:54–07:52 |
| गुरु | 07:52–08:50 |
| मंगल | 08:50–09:48 |
| सूर्य | 09:48–10:46 |
| शुक्र | 10:46–11:44 |
| बुध | 11:44–12:42 |
| चन्द्र | 12:42–13:40 |
| शनि | 13:40–14:38 |
| गुरु | 14:38–15:36 |
| मंगल | 15:36–16:34 |
| सूर्य | 16:34–17:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:32–18:34 |
| बुध | 18:34–19:36 |
| चन्द्र | 19:36–20:38 |
| शनि | 20:38–21:40 |
| गुरु | 21:40–22:42 |
| मंगल | 22:42–23:44 |
| सूर्य | 23:44–00:46 |
| शुक्र | 00:46–01:48 |
| बुध | 01:48–02:50 |
| चन्द्र | 02:50–03:52 |
| शनि | 03:52–04:54 |
| गुरु | 04:54–05:56 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 4 पद08:21 तक
- कृत्तिका 1 पद15:01 तक
- कृत्तिका 2 पद21:43 तक
- कृत्तिका 3 पद04:26, 15 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 4 पद11:10, 15 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 36m
- रात्रिमान
- 12h 24m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 15:01 तकदक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 21:09 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 21:09 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:56 –06:15
- अग्नि पंचक06:15 –08:21
- शुभ मुहूर्त08:21 –08:32
- राज पंचक08:32 –10:49
- शुभ मुहूर्त10:49 –12:53
- चोर पंचक12:53 –14:38
- शुभ मुहूर्त14:38 –16:09
- रोग पंचक16:09 –17:37
- चोर पंचक17:37 –19:16
- शुभ मुहूर्त19:16 –21:09
- रोग पंचक21:09 –21:13
- शुभ मुहूर्त21:13 –23:27
- मृत्यु पंचक23:27 –01:44, 15 अक्टू॰
- अग्नि पंचक01:44 –03:58, 15 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:58 –05:56, 15 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:02 –06:15
- तुला06:15 –08:32
- वृश्चिक08:32 –10:49
- धनु10:49 –12:53
- मकर12:53 –14:38
- कुम्भ14:38 –16:09
- मीन16:09 –17:37
- मेष17:37 –19:16
- वृषभ19:16 –21:13
- मिथुन21:13 –23:27
- कर्क23:27 –01:44, 15 अक्टू॰
- सिंह01:44 –03:58, 15 अक्टू॰
- कन्या03:58 –06:11, 15 अक्टू॰
पंचांग · वाराणसी, 14 अक्टूबर 2030
सोमवार, 14 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 17:32 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 21:09 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र भरणी 08:21 तक, फिर कृत्तिका; योग सिद्धि 15 अक्टूबर 03:09 तक, फिर व्यतीपात; करण वणिज 08:02 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:23–08:50, अभिजित मुहूर्त 11:21–12:07। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 14 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 21:09 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:56, वाराणसी)।
14 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 08:21 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 15:01 तक।
वाराणसी में 14 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:23–08:50, यमगण्ड 10:17–11:44, गुलिक काल 13:11–14:38।
वाराणसी में 14 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 17:32, चंद्रोदय 19:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:21–12:07, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2871° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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