पंचांग · शुक्रवार, 13 सितंबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया02:39, 14 सित॰ तक
- कृष्ण तृतीया03:31, 15 सित॰ तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि18:48 तक
- रेवतीस्वामी बुध20:06, 14 सित॰ तक
- गण्ड19:04 तक
- वृद्धि18:32, 14 सित॰ तक
- तैतिल14:28 तक
- गर02:39, 14 सित॰ तक
- वणिज15:00, 14 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:43बिंब मध्य 05:46
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- 18:45
- चंद्रास्त
- 06:50
- दिनमान
- 12h 22m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मीन20:06, 14 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:10 –04:57
- प्रातः संध्या04:33 –05:43
- अभिजित मुहूर्त11:29 –12:19
- विजय मुहूर्त13:57 –14:47
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:28
- सायाह्न संध्या18:05 –19:15
- निशीथ मुहूर्त23:31 –00:17, 14 सित॰
- अमृत काल13:52 –15:31
- राहु काल10:21 –11:54
- यमगंड14:59 –16:32
- गुलिक काल07:16 –08:49
- दुर्मुहूर्त08:11 –09:01
- दुर्मुहूर्त12:19 –13:08
- गंड मूल18:48 –05:44, 14 सित॰
चौघड़िया
- चरसम05:43 – 07:16
- लाभलाभ07:16 – 08:49
- अमृतश्रेष्ठ08:49 – 10:21
- कालहानि10:21 – 11:54
- शुभशुभ11:54 – 13:27
- रोगअनिष्ट13:27 – 14:59
- उद्वेगअशुभ14:59 – 16:32
- चरसम16:32 – 18:05
- रोगअनिष्ट18:05 – 19:32
- कालहानि19:32 – 20:59
- लाभलाभ20:59 – 22:27
- उद्वेगअशुभ22:27 – 23:54
- शुभशुभ23:54 – 01:21
- अमृतश्रेष्ठ01:21 – 02:49
- चरसम02:49 – 04:16
- रोगअनिष्ट04:16 – 05:44
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:43–06:45 |
| बुध | 06:45–07:47 |
| चन्द्र | 07:47–08:49 |
| शनि | 08:49–09:50 |
| गुरु | 09:50–10:52 |
| मंगल | 10:52–11:54 |
| सूर्य | 11:54–12:56 |
| शुक्र | 12:56–13:57 |
| बुध | 13:57–14:59 |
| चन्द्र | 14:59–16:01 |
| शनि | 16:01–17:03 |
| गुरु | 17:03–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:05–19:03 |
| सूर्य | 19:03–20:01 |
| शुक्र | 20:01–20:59 |
| बुध | 20:59–21:58 |
| चन्द्र | 21:58–22:56 |
| शनि | 22:56–23:54 |
| गुरु | 23:54–00:52 |
| मंगल | 00:52–01:51 |
| सूर्य | 01:51–02:49 |
| शुक्र | 02:49–03:47 |
| बुध | 03:47–04:45 |
| चन्द्र | 04:45–05:44 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तरभाद्रपद 2 पद06:23 तक
- उत्तरभाद्रपद 3 पद12:35 तक
- उत्तरभाद्रपद 4 पद18:48 तक
- रेवती 1 पद01:04, 14 सित॰ तक
- रेवती 2 पद07:23, 14 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 22m
- रात्रिमान
- 11h 39m
- मध्याह्न
- 11:54
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:39, 14 सित॰ तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 02:39, 14 सित॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:43 –06:04
- मृत्यु पंचक06:04 –08:17
- अग्नि पंचक08:17 –10:33
- शुभ मुहूर्त10:33 –12:50
- राज पंचक12:50 –14:55
- शुभ मुहूर्त14:55 –16:40
- चोर पंचक16:40 –18:11
- शुभ मुहूर्त18:11 –18:48
- रोग पंचक18:48 –19:39
- चोर पंचक19:39 –21:17
- शुभ मुहूर्त21:17 –23:15
- रोग पंचक23:15 –01:29, 14 सित॰
- शुभ मुहूर्त01:29 –02:39, 14 सित॰
- मृत्यु पंचक02:39 –03:46, 14 सित॰
- अग्नि पंचक03:46 –05:44, 14 सित॰
उदय लग्न
- सिंह03:50 –06:04
- कन्या06:04 –08:17
- तुला08:17 –10:33
- वृश्चिक10:33 –12:50
- धनु12:50 –14:55
- मकर14:55 –16:40
- कुम्भ16:40 –18:11
- मीन18:11 –19:39
- मेष19:39 –21:17
- वृषभ21:17 –23:15
- मिथुन23:15 –01:29, 14 सित॰
- कर्क01:29 –03:46, 14 सित॰
- सिंह03:46 –06:00, 14 सित॰
पंचांग · वाराणसी, 13 सितंबर 2030
शुक्रवार, 13 सितंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:43 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 14 सितंबर 02:39 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 18:48 तक, फिर रेवती; योग गण्ड 19:04 तक, फिर वृद्धि; करण तैतिल 14:28 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 10:21–11:54, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:19। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 13 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 14 सितंबर 02:39 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:43, वाराणसी)।
13 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तरभाद्रपद 18:48 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 14 सितंबर 20:06 तक।
वाराणसी में 13 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:21–11:54, यमगण्ड 14:59–16:32, गुलिक काल 07:16–08:49।
वाराणसी में 13 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 18:45 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
13 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:29–12:19, ब्रह्म मुहूर्त 04:10–04:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2859° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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