पंचांग · बुधवार, 24 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी12:41 तक
- कृष्ण अष्टमी11:45, 25 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य23:31 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र23:35, 25 अप्रैल तक
- सिद्ध06:31 तक
- साध्य04:32, 25 अप्रैल तक
- शुभ03:02, 26 अप्रैल तक
- बव12:41 तक
- बालव00:09, 25 अप्रैल तक
- कौलव11:45, 25 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:28बिंब मध्य 05:31
- सूर्यास्त
- 18:25बिंब मध्य 18:21
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 11:08
- दिनमान
- 12h 57m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- धनु05:53 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:44
- प्रातः संध्या04:21 –05:28
- अभिजित मुहूर्त11:31 –12:22
- विजय मुहूर्त14:06 –14:58
- गोधूलि मुहूर्त18:25 –18:47
- सायाह्न संध्या18:25 –19:31
- निशीथ मुहूर्त23:34 –00:18, 25 अप्रैल
- अमृत काल17:16 –18:50
- राहु काल11:56 –13:34
- यमगंड07:05 –08:42
- गुलिक काल10:19 –11:56
- दुर्मुहूर्त11:31 –12:22
- वर्ज्य07:53 –09:27
- वर्ज्य03:32 –05:08, 25 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ05:28 – 07:05
- अमृतश्रेष्ठ07:05 – 08:42
- कालहानि08:42 – 10:19
- शुभशुभ10:19 – 11:56
- रोगअनिष्ट11:56 – 13:34
- उद्वेगअशुभ13:34 – 15:11
- चरसम15:11 – 16:48
- लाभलाभ16:48 – 18:25
- उद्वेगअशुभ18:25 – 19:48
- शुभशुभ19:48 – 21:11
- अमृतश्रेष्ठ21:11 – 22:33
- चरसम22:33 – 23:56
- रोगअनिष्ट23:56 – 01:19
- कालहानि01:19 – 02:42
- लाभलाभ02:42 – 04:04
- उद्वेगअशुभ04:04 – 05:27
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:28–06:33 |
| चन्द्र | 06:33–07:37 |
| शनि | 07:37–08:42 |
| गुरु | 08:42–09:47 |
| मंगल | 09:47–10:52 |
| सूर्य | 10:52–11:56 |
| शुक्र | 11:56–13:01 |
| बुध | 13:01–14:06 |
| चन्द्र | 14:06–15:11 |
| शनि | 15:11–16:16 |
| गुरु | 16:16–17:20 |
| मंगल | 17:20–18:25 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:25–19:20 |
| शुक्र | 19:20–20:15 |
| बुध | 20:15–21:11 |
| चन्द्र | 21:11–22:06 |
| शनि | 22:06–23:01 |
| गुरु | 23:01–23:56 |
| मंगल | 23:56–00:51 |
| सूर्य | 00:51–01:46 |
| शुक्र | 01:46–02:42 |
| बुध | 02:42–03:37 |
| चन्द्र | 03:37–04:32 |
| शनि | 04:32–05:27 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 1 पद05:53 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद11:43 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद17:36 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद23:31 तक
- श्रवण 1 पद05:29, 25 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 57m
- रात्रिमान
- 11h 2m
- मध्याह्न
- 11:56
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 05:53 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:41 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 12:41 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:28 –06:40
- राज पंचक06:40 –08:37
- शुभ मुहूर्त08:37 –10:51
- चोर पंचक10:51 –12:41
- शुभ मुहूर्त12:41 –13:08
- रोग पंचक13:08 –15:22
- शुभ मुहूर्त15:22 –17:35
- मृत्यु पंचक17:35 –19:52
- अग्नि पंचक19:52 –22:09
- शुभ मुहूर्त22:09 –23:31
- राज पंचक23:31 –00:13, 25 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:13 –01:58, 25 अप्रैल
- चोर पंचक01:58 –03:29, 25 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:29 –05:27, 25 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:01 –06:40
- वृषभ06:40 –08:37
- मिथुन08:37 –10:51
- कर्क10:51 –13:08
- सिंह13:08 –15:22
- कन्या15:22 –17:35
- तुला17:35 –19:52
- वृश्चिक19:52 –22:09
- धनु22:09 –00:13, 25 अप्रैल
- मकर00:13 –01:58, 25 अप्रैल
- कुम्भ01:58 –03:29, 25 अप्रैल
- मीन03:29 –04:57, 25 अप्रैल
- मेष04:57 –06:36, 25 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 24 अप्रैल 2030
बुधवार, 24 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:28 और सूर्यास्त 18:25 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 12:41 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 23:31 तक, फिर श्रवण; योग सिद्ध 06:31 तक, फिर साध्य; करण बव 12:41 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 11:56–13:34, अभिजित मुहूर्त 11:31–12:22। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 24 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 12:41 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:28, वाराणसी)।
24 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 23:31 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा धनु राशि में 05:53 तक।
वाराणसी में 24 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:56–13:34, यमगण्ड 07:05–08:42, गुलिक काल 10:19–11:56।
वाराणसी में 24 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
24 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:31–12:22, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2805° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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