पंचांग · मंगलवार, 23 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी14:14 तक
- कृष्ण सप्तमी12:41, 24 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र00:04, 24 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य23:31, 24 अप्रैल तक
- शिव09:00 तक
- सिद्ध06:31, 24 अप्रैल तक
- वणिज14:14 तक
- विष्टि01:23, 24 अप्रैल तक
- बव12:41, 24 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:29बिंब मध्य 05:32
- सूर्यास्त
- 18:25बिंब मध्य 18:20
- चंद्रोदय
- 23:57
- चंद्रास्त
- 10:06
- दिनमान
- 12h 56m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- धनु05:53, 24 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:00 –04:44
- प्रातः संध्या04:22 –05:29
- अभिजित मुहूर्त11:31 –12:23
- विजय मुहूर्त14:06 –14:58
- गोधूलि मुहूर्त18:25 –18:47
- सायाह्न संध्या18:25 –19:31
- निशीथ मुहूर्त23:34 –00:18, 24 अप्रैल
- अमृत काल19:30 –21:01
- राहु काल15:11 –16:48
- यमगंड08:43 –10:20
- गुलिक काल11:57 –13:34
- दुर्मुहूर्त08:04 –08:56
- दुर्मुहूर्त22:50 –23:34
- वर्ज्य10:22 –11:53
- भद्रा14:14 –01:23, 24 अप्रैल
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:29 – 07:06
- उद्वेगअशुभ07:06 – 08:43
- चरसम08:43 – 10:20
- लाभलाभ10:20 – 11:57
- अमृतश्रेष्ठ11:57 – 13:34
- कालहानि13:34 – 15:11
- शुभशुभ15:11 – 16:48
- रोगअनिष्ट16:48 – 18:25
- कालहानि18:25 – 19:48
- लाभलाभ19:48 – 21:10
- उद्वेगअशुभ21:10 – 22:33
- शुभशुभ22:33 – 23:56
- अमृतश्रेष्ठ23:56 – 01:19
- चरसम01:19 – 02:42
- रोगअनिष्ट02:42 – 04:05
- कालहानि04:05 – 05:28
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:29–06:33 |
| सूर्य | 06:33–07:38 |
| शुक्र | 07:38–08:43 |
| बुध | 08:43–09:47 |
| चन्द्र | 09:47–10:52 |
| शनि | 10:52–11:57 |
| गुरु | 11:57–13:01 |
| मंगल | 13:01–14:06 |
| सूर्य | 14:06–15:11 |
| शुक्र | 15:11–16:15 |
| बुध | 16:15–17:20 |
| चन्द्र | 17:20–18:25 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:25–19:20 |
| गुरु | 19:20–20:15 |
| मंगल | 20:15–21:10 |
| सूर्य | 21:10–22:06 |
| शुक्र | 22:06–23:01 |
| बुध | 23:01–23:56 |
| चन्द्र | 23:56–00:51 |
| शनि | 00:51–01:47 |
| गुरु | 01:47–02:42 |
| मंगल | 02:42–03:37 |
| सूर्य | 03:37–04:33 |
| शुक्र | 04:33–05:28 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद06:53 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद12:34 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद18:18 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद00:04, 24 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद05:53, 24 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 56m
- रात्रिमान
- 11h 3m
- मध्याह्न
- 11:57
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 14:14 तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 14:14 तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:29 –06:44
- मृत्यु पंचक06:44 –08:41
- अग्नि पंचक08:41 –10:55
- शुभ मुहूर्त10:55 –13:12
- राज पंचक13:12 –14:14
- शुभ मुहूर्त14:14 –15:26
- चोर पंचक15:26 –17:39
- शुभ मुहूर्त17:39 –19:56
- रोग पंचक19:56 –22:13
- शुभ मुहूर्त22:13 –00:04, 24 अप्रैल
- मृत्यु पंचक00:04 –00:17, 24 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:17 –02:02, 24 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:02 –03:33, 24 अप्रैल
- राज पंचक03:33 –05:01, 24 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:01 –05:28, 24 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:05 –06:44
- वृषभ06:44 –08:41
- मिथुन08:41 –10:55
- कर्क10:55 –13:12
- सिंह13:12 –15:26
- कन्या15:26 –17:39
- तुला17:39 –19:56
- वृश्चिक19:56 –22:13
- धनु22:13 –00:17, 24 अप्रैल
- मकर00:17 –02:02, 24 अप्रैल
- कुम्भ02:02 –03:33, 24 अप्रैल
- मीन03:33 –05:01, 24 अप्रैल
- मेष05:01 –06:40, 24 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 23 अप्रैल 2030
मंगलवार, 23 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:29 और सूर्यास्त 18:25 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 14:14 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 24 अप्रैल 00:04 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शिव 09:00 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 14:14 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:11–16:48, अभिजित मुहूर्त 11:31–12:23। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 23 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 14:14 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:29, वाराणसी)।
23 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 24 अप्रैल 00:04 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 24 अप्रैल 05:53 तक।
वाराणसी में 23 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:11–16:48, यमगण्ड 08:43–10:20, गुलिक काल 11:57–13:34।
वाराणसी में 23 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:25, चंद्रोदय 23:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
23 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:31–12:23, ब्रह्म मुहूर्त 04:00–04:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2805° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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