पंचांग · गुरुवार, 21 मार्च 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया17:22 तक
- कृष्ण तृतीया14:15, 22 मार्च तक
- चित्रास्वामी मंगल03:10, 22 मार्च तक
- स्वातीस्वामी राहु00:51, 23 मार्च तक
- ध्रुव21:32 तक
- व्याघात17:50, 22 मार्च तक
- तैतिल06:57 तक
- गर17:22 तक
- वणिज03:48, 22 मार्च तक
- विष्टि14:15, 22 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 18:10बिंब मध्य 18:05
- चंद्रोदय
- 20:01
- चंद्रास्त
- 06:42
- दिनमान
- 12h 9m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कन्या16:21 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:01
- अभिजित मुहूर्त11:41 –12:30
- विजय मुहूर्त14:07 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:10 –18:33
- सायाह्न संध्या18:10 –19:21
- निशीथ मुहूर्त23:41 –00:29, 22 मार्च
- अमृत काल21:24 –22:50
- राहु काल13:37 –15:08
- यमगंड06:01 –07:32
- गुलिक काल09:03 –10:34
- दुर्मुहूर्त10:04 –10:53
- दुर्मुहूर्त14:55 –15:44
- वर्ज्य12:45 –14:11
- भद्रा03:48 –06:00, 22 मार्च
चौघड़िया
- शुभशुभ06:01 – 07:32
- रोगअनिष्ट07:32 – 09:03
- उद्वेगअशुभ09:03 – 10:34
- चरसम10:34 – 12:06
- लाभलाभ12:06 – 13:37
- अमृतश्रेष्ठ13:37 – 15:08
- कालहानि15:08 – 16:39
- शुभशुभ16:39 – 18:10
- अमृतश्रेष्ठ18:10 – 19:38
- चरसम19:38 – 21:07
- रोगअनिष्ट21:07 – 22:36
- कालहानि22:36 – 00:05
- लाभलाभ00:05 – 01:34
- उद्वेगअशुभ01:34 – 03:03
- शुभशुभ03:03 – 04:31
- अमृतश्रेष्ठ04:31 – 06:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:01–07:02 |
| मंगल | 07:02–08:03 |
| सूर्य | 08:03–09:03 |
| शुक्र | 09:03–10:04 |
| बुध | 10:04–11:05 |
| चन्द्र | 11:05–12:06 |
| शनि | 12:06–13:06 |
| गुरु | 13:06–14:07 |
| मंगल | 14:07–15:08 |
| सूर्य | 15:08–16:08 |
| शुक्र | 16:08–17:09 |
| बुध | 17:09–18:10 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:10–19:09 |
| शनि | 19:09–20:08 |
| गुरु | 20:08–21:07 |
| मंगल | 21:07–22:07 |
| सूर्य | 22:07–23:06 |
| शुक्र | 23:06–00:05 |
| बुध | 00:05–01:04 |
| चन्द्र | 01:04–02:03 |
| शनि | 02:03–03:03 |
| गुरु | 03:03–04:02 |
| मंगल | 04:02–05:01 |
| सूर्य | 05:01–06:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- चित्रा 1 पद10:57 तक
- चित्रा 2 पद16:21 तक
- चित्रा 3 पद21:45 तक
- चित्रा 4 पद03:10, 22 मार्च तक
- स्वाती 1 पद08:34, 22 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 9m
- रात्रिमान
- 11h 50m
- मध्याह्न
- 12:06
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण · 16:21 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:22 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 17:22 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –07:15
- मृत्यु पंचक07:15 –08:53
- अग्नि पंचक08:53 –10:51
- शुभ मुहूर्त10:51 –13:04
- राज पंचक13:04 –15:22
- शुभ मुहूर्त15:22 –17:22
- चोर पंचक17:22 –17:36
- शुभ मुहूर्त17:36 –19:49
- रोग पंचक19:49 –22:05
- शुभ मुहूर्त22:05 –00:22, 22 मार्च
- मृत्यु पंचक00:22 –02:27, 22 मार्च
- अग्नि पंचक02:27 –03:10, 22 मार्च
- शुभ मुहूर्त03:10 –04:12, 22 मार्च
- राज पंचक04:12 –05:43, 22 मार्च
- शुभ मुहूर्त05:43 –06:00, 22 मार्च
उदय लग्न
- मीन05:47 –07:15
- मेष07:15 –08:53
- वृषभ08:53 –10:51
- मिथुन10:51 –13:04
- कर्क13:04 –15:22
- सिंह15:22 –17:36
- कन्या17:36 –19:49
- तुला19:49 –22:05
- वृश्चिक22:05 –00:22, 22 मार्च
- धनु00:22 –02:27, 22 मार्च
- मकर02:27 –04:12, 22 मार्च
- कुम्भ04:12 –05:43, 22 मार्च
- मीन05:43 –07:11, 22 मार्च
पंचांग · वाराणसी, 21 मार्च 2030
गुरुवार, 21 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:10 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 17:22 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र चित्रा 22 मार्च 03:10 तक, फिर स्वाती; योग ध्रुव 21:32 तक, फिर व्याघात; करण तैतिल 06:57 तक, फिर गर। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:37–15:08, अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 21 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 17:22 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:01, वाराणसी)।
21 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
चित्रा 22 मार्च 03:10 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा कन्या राशि में 16:21 तक।
वाराणसी में 21 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:37–15:08, यमगण्ड 06:01–07:32, गुलिक काल 09:03–10:34।
वाराणसी में 21 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:10, चंद्रोदय 20:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2792° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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